कन्नमवार जी

भारत चीन युद्ध १९६२ की बात है..दोनो तरफ से ठन चुकी थी, मगर भारतीय अर्थव्यवस्था इस युद्ध के खर्च को सम्हालने की अवस्था में नहीं थी। चारों तरफ उदासीनता फैली थी और इससे राजनीतिक गलियारा भी अछूता नहीं था। सच कहें तो यही सबसे जादा परेशान था, क्योंकि प्रजा से ज्यादा जिम्मेदारी राजा की ही होती है। मीटिंग दर मीटिंग होते गए, मगर रिजल्ट वही ढाक के तीन पात।

२० अक्टूबर १९६२ के दिन युद्ध शुरू हो गया, भारत सरकार अपना पूरा खजाना खाली कर चुकी थी…अब आगे युद्ध करने की अवस्था नहीं थी, इस बीच २० नवम्बर १९६२ को चीन ने युद्ध विराम की घोषणा कर दी। इस युद्ध से जहां भारत का काफी नुकसान हो चुका था वहीं एक अलग ही लड़ाई देश मे शुरू हो चुकी थी, देश की अर्थव्यवस्था बिगड़ने लगी थी, भुखमरी की अवस्था आन पड़ी थी।

युद्ध के दौरान ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री यशवंतराव चव्हाण को भारत का रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया, जिससे महाराष्ट्र की कुर्सी खाली हो गई।

यही वह वक्त था जब…
चन्द्रपूर जिले के साओली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले…

श्री मारोतराव कन्नमवार
को २० नवंबर १९६२ के दिन महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया।

श्री कन्नमवार ने पूरे राज्य में घूम घूम कर जनता से मदद की गुहार लगाई, उनके एक बोली पर चंद्रपुर जिले की जनता ने मदद के नाम पर अपने अपने घर को सोने, चांदी, गहनों से खाली कर दिया। इसका प्रभाव पूरे राज्य पर पड़ा राज्य से सोने का अंबार लग गया। मगर मुख्यमंत्री बनने के मात्र एक साल के बाद १९६३ में कन्नमवार जी दुनिया छोड़ गए। इनके किए काम को १९६५ में लाल बहादुर शास्त्री जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरे भारत में बढ़ाया।

यही वह समय था जब देश अपने आप को सम्हाल सका मगर अफसोस कन्नमवार जी के किए काम को ना तो कभी कोई राजनीतिक अखाड़ा चर्चा में लता है ना ही देश और ना ही हम।

१० जनवरी १९०० को जन्में श्री कन्नमवार जी का ऐसा प्रभाव था अपनी जनता पर और प्रभाव ऐसे ही नहीं बनता किसी का किसी पर।

नमन महात्मन!
कोटि कोटि नमन! वंदन !

धन्यवाद !

Ashwini Rai

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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