श्री दत्तात्रय रामचंद्र कापरेकर

चलिए आज गणित के कुछ मजेदार खेल को जाने जो गणित को आसान बनाती है और मान्यताओं को फिर से साबित करती हैं…

पहले कोई भी चार अंक की संख्या लीजिये जिसके दो अंक भिन्न और दो अंक समान हों। संख्या के अंको को आरोही और अवरोही क्रम में लिखें। इससे आपको दो संख्यायें मिलेंगी। अब बड़ी संख्या को छोटी संख्या से घटायें। जो भी संख्या मिलेगी उस पर उसी प्रक्रिया को दोहराएँ। इस प्रक्रिया को कापरेकर व्यवहार कहते हैं। लगातार करने पर कुछ निश्चित चरणों के बाद आपको ६१७४ की संख्या प्राप्त होगी। इसके साथ भी पुनः वही प्रक्रिया लगातार अपनाने पर हर बार ६१७४ की संख्या ही प्राप्त होगी। इसीलिये इसे कापरेकर स्थिरांक कहते हैं।

अब इसे उदाहरण से समझते हैं…

कोई भी एक संख्या, “२१४१”

४२११ – ११२४ = ३०८७
८७३० – ०३७८ = ८३५२
८५३२ – २३५८ = ६१७४

अब हम ६१७४ को भी आरोही और अवरोही क्रम में लिख कर इस प्रक्रिया को अपनाएंगे तो…एक बार फिर से ६१७४ की संख्या ही आएगी। आप चाहें तो एक बार कोशिश अवश्य कर लें। ६१७४ की आरोही और अवरोही प्रक्रिया…
७६४१ – १४६७ = ६१७४

अब आप यह सोच रहेंगे की, आज हम यह क्या लेकर बैठ गए तो मित्रों कापरेकर स्थिरांक के जनक हैं…

श्री दत्तात्रय रामचंद्र कापरेकर

एक भारतीय गणितज्ञ थे, जिनका जन्म १७ जनवरी १९०५ को महाराष्ट्र के डहाणु में हुआ था। श्री कापरेकर जी नासिक के एक स्कूल में शिक्षक थे, और जैसा कि हमेशा से हमारे देश में होता रहा है, ये भी देश में भारी उपेक्षा के शिकार रहे। प्रारम्भिक शिक्षा थाने और पुणे में तथा स्नातक मुंबई विश्वविद्यालय से प्राप्त करने वाले श्री कापरेकर को भारत में उनको वह मान सम्मान उस समय जा कर मिला जब मार्टिन गार्डनर जो अमेरिकी गणितज्ञ थे, ने १९७५ में “साईंटिफिक अमेरिकन” में एक आलेख लिखा था जिसमे उन्होने उनके बारे में लिखा था, गणित पढ़ना और पढ़ाना दो अलग विधा है और उस पर से पढ़ाने की विधा मनोरंजक और आसान हो तो उसे कापरेकर विधा कहना कहीं से गलत नहीं होगा।

कापरेकर जी ने संख्या सिद्धान्त के क्षेत्र में अनेक योगदान दिया, जिनमें से कापरेकर स्थिरांक के अलावा कापरेकर संख्या और डेमलो संख्या की खोज की हैं। इसके अलावा भी उन्होने कई मनोरंजक गणित की खोज की हैं जिनमे हर्षद संख्या मुख्य है।हर्षद संख्याओ का एक मजेदार गुण होता है, ये संख्याये अपने अंको के योग से भाज्य होती है। उन्होने इन्हे हर्षद संख्या अर्थात् आनंददायक संख्या कहते थे।

मगर अफसोस देश ने उन्हें कभी वो मान्यता नहीं दी तथा उच्च शिक्षा न प्राप्त करने के कारण भारत के गणितज्ञों ने भी उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जो उन्हें मिलना चाहिये था। उनके पेपर भी निम्न श्रेणी के गणित की पत्रिकाओं में छपते थे। वे गणित के सम्मेलनों में भी अपने पैसे से जाते थे और अंको पर व्याख्यान देते थे। उन्हें कहीं से पैसों की मदद नहीं मिल पाती थी। यहां एक बार फिर हम यही कहेंगे की हमसे कहीं अच्छे विदेशी हैं जिन्होंने हमेशा से ही प्रतिभा की कद्र की है।

ऐसे महान विभूतियों में से एक श्री दत्तात्रय रामचंद्र कापरेकर जी के जन्मदिवस पर Ashwini Rai ‘अरुण’ का कोटि कोटि नमन ! वंदन!

धन्यवाद !

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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