रीति रिवाज एवं परम्परा

अंतस के आरेख
विषय : रीति रिवाज एवं परम्परा
दिनाँक : १८/०१/२०२०

रीति रिवाज स्वयं में ऐसी परंपराएं हैं, जो परिवार, समाज अथवा देश में पीढ़ियों से चलते आ रहे हैं। मुख्यतः इनका संबंध प्रतिदिन के कार्यों पर अथवा उनसे जुड़ी घटनाओ से ही होता है। वैसे इन्हें हम अपने धर्म और त्योहारो का भी हिस्सा मान सकते हैं।

दूसरी ओर परंपराएं हैं, जो हमारी सामाजिक विरासत हैं। मगर देखा जाए तो परम्परा सामाजिक कम व्यक्तिगत और पारिवारिक ज्यादा जान पड़ता है। देखा जाएं तो परम्परा का अपना स्वाभाविक गुण है, और वह यह है की अपने स्वभाव को बिखरे बगैर वह स्वयं को जारी रखते हुए प्राचीन उपलब्धियों को आगे और आगे तक ले जाने के प्रयास में सदा रहता है। मगर कभी कभी सब तरह से सही होने पर भी परम्परा समान रूप में नहीं रह पातीं है, वह वक्त के साथ सामाजिक विरासत का रूप लेती जाती हैं। रीति रिवाजों के माध्यम से सरलता पूर्वक चली यह परम्परा सामाजिक विरासत के नाम पर सहेजे जाने योग्य हो जाती हैं यानी लुप्त होने के कगार पर आ जाती हैं।

ज्ञानियों के अनुसार परम्परा का शाब्दिक अर्थ है, ‘बिना व्यवधान के शृंखला रूप में जारी रहना’। परम्परा-प्रणाली में किसी विषय या उपविषय का ज्ञान बिना किसी परिवर्तन के एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ियों में संचारित होता रहता है। उदाहरण के लिए, भागवत पुराण में वेदों का वर्गीकरण और परम्परा द्वारा इसके हस्तान्तरण का वर्णन है। यहां ज्ञान के विषय आध्यात्मिक, कलात्मक (संगीत, नृत्य), अथवा शैक्षणिक कुछ भी हो सकते हैं। उसी तरह भारत की संस्कृति बहुआयामी है जिसमें यहाँ का महान इतिहास, भौगोलिक स्वरूप और पुरातन सिन्धु घाटी की सभ्यता, जो आगे चलकर वैदिक युग में विकसित हुई, इसके साथ ही पड़ोसी देशों के रीति रिवाज़, परम्परा और विचारों का भी इसमें समावेश है। पिछली पाँच सहस्राब्दियों से अधिक समय से भारत के रीति-रिवाज़, भाषाएँ, प्रथाएँ और परंपराएँ इसके एक-दूसरे से परस्पर संबंधों में महान विविधताओं का एक अद्वितीय उदाहरण देती हैं। भारत कई धार्मिक प्रणालियों, जैसे कि हिन्दू धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म और सिख धर्म जैसे धर्मों का जनक है। इस मिश्रण से भारत में उत्पन्न हुए विभिन्न धर्म और परम्पराओं ने विश्व के अलग-अलग हिस्सों को भी बहुत प्रभावित किया है, अब भी कर रहा।

उपरोक्त परिभाषाओं से यह स्पष्ट है कि परम्परा सामाजिक विरासत का वह अभौतिक अंग है जो हमारे व्यवहार के स्वीकार्य मानको की द्योतक है, और जो निरन्तर पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती रहती है।

अश्विनी राय ‘अरूण’

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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