पुस्तक समीक्षा : नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नव फासीवादी मनोवृति

नागरिकता संशोधन कानून की पूरी सच्चाई को दर्शाती: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नव फासीवादी मनोवृति (पुस्तिका), समीक्षा (अश्विनी राय ‘अरूण’)

पुस्तक परिचय :- नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नव फासीवादी मनोवृति

पुस्तक : नागरिकता संशोधन कानून की पूरी सच्चाई को दर्शाती
लेखक : डॉ. स्वामीनाथ तिवारी
सम्प्रति : पूर्व विधायक, साहित्यकार,
प्रकाशक : ग्राम गौरव संस्थान, बक्सर, बिहार
संस्करण : प्रथम(2020)/मूल्य- 25/- पृष्ठ- 42

समीक्षक – अश्विनी राय ‘अरूण’
(कवि, साहित्यकार/समीक्षक)
पता – ग्राम : मांगोडेहरी, डाक : खीरी,
जिला : बक्सर(802128), बिहार।
फोन – (9155745859 , 7739597969)
ई-मेल – ashwinirai1980@gmail.com
वेब – shoot2pen.in
ब्लॉग – shoot2pen.wordpress.com

समीक्षा:-

उफ़्फ़फ़….

पुस्तक की नजर से देखें तो यहां तीन व्यक्ति हैं जो इतनी मानसिक, राजनीतिक और सामाजिक यंत्रणा को लगातार सहन कर रहे हैं। एक श्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार, दूसरे नंबर पर इस पुस्तक के लेखक श्री डॉ. स्वामीनाथ तिवारी एवं तीसरे नंबर पर जो सबसे महत्वपूर्ण है, वो है भारत और उसके निवासी यानी भारतीय।

इस पुस्तक को पढ़ने के उपरांत यह यकीन नहीं होता की विरोध करने वाले हमारे ही तरह मनुष्य योनि में जन्म लेने वाले है अथवा किसी और योनि के।

यकीनन सक्षम कलमकार ‘डॉ. साब’ की यह पुस्तिका का नाम भले ही ‘नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नव फासीवादी मनोवृति’ है लेकिन वह देश की विसंगतियों की मुकम्मल दस्तावेज है। आप चाहें तो आरोप लगा सकते हैं कि इसमें जो बातें बताई गई है वह किसी एक समुदाय की तरफ लक्ष्य करती है। लेकिन आपको स्मरण रखना होगा कि आप उस समाज की विद्रूपताओं को करीब से जानने की कोशिश कर रहे हैं जहां शिक्षा, शिष्टाचार और सभ्यता जैसे शब्द या तो मायने नहीं रखते अथवा रखना नहीं चाहते। तथाकथित वो सभ्य समाज ने धर्म विशेष के प्रति जैसा दुर्भावनापूर्ण व्यवहार सदैव किया है, उसमें आप उनसे इससे बेहतर की उम्मीद भी नहीं कर सकते।पुस्तिका को पढ़ते हुए कई बार लोकसभा का वो दृश्य जेहन मे आने लगा, जिस समय भारत के गृहमंत्री श्री अमित शाह ने CAA पर खुल कर सारी बातें जनमानस को बताई थी। उन्ही बातों को ‘डाक्टर साब’ ने अपनी पुस्तिका मे विस्तार पूर्वक लिखा है जिन्हें हम सभी को पढ़ना चाहिए।

आईए पहले हम पुस्तिका से कुछ शब्द उधार लेते हैं…

CAA को लेकर देश में कुछ जगहों पर लगातार विरोध और प्रदर्शन देखने को मिल रहा है और साथ ही कहीं कहीं नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा भी देखने को मिल रही है।इतने विरोधों के बावजूद सरकार ने CAA २०१९… की अधिसूचना जारी कर दिया है। इसके साथ ही १० जनवरी, २०२० से ही यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है।

गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में लिखा है, ‘केंद्रीय सरकार, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, २०१९ (२०१९ का ४७) की धारा १ की उपधारा (२) द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, १० जनवरी, २०२० को उस तारीख के रूप में नियत करती है जिसको उक्त अधिनियम के उपबंध प्रवृत होंगे।’

वैसे तो आप सभी नागरिकता संशोधन कानून को भलीभांति जानते हैं, फिर भी मैं अश्विनी राय ‘अरूण’ इस पुस्तिका के माध्यम से CAA पर थोड़ी प्रकाश डाल रहा हूँ…

नागरिकता अधिनियम, 1955 में बदलाव करने के लिए केंद्र सरकार नागरिकता संशोधन बिल लेकर आई। बिल को संसद में पास करवाया गया और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब यह कानून आप सबके सामने है। और सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दिया है। इसके साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से आए हुए हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई, पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने में कोई दिक्कत नहीं होगी वरन अब यह आसान हो गया। अभी तक उन सभी को अवैध शरणार्थी माना जाता रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी ने संसद में अपने भाषण में दावा किया है कि लाखों-करोड़ों ऐसे लोग हैं जिन्हें इस कानून से फायदा मिलेगा। नया कानून सभी शरणार्थियों पर लागू होगा। वहीं सरकार की ओर से एक कटऑफ तारीख भी तय किया गया है, ३१ दिसंबर, २०१४ से पहले के आए सभी हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई, पारसी शरणार्थियों को भारत की नागरिकता अब मिल जाएगी।

नागरिकता संशोधन कानून का पूर्वोत्तर में जबरदस्त विरोध देखा गया है। असम, मेघालय समेत कई अन्य राज्यों के लोग रास्ते पर उतर आए। हालांकि सरकार ने कानून लागू करते वक्त ऐलान किया भी था कि मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर के कुछ हिस्सों में कानून लागू नहीं होगा। साथ ही केंद्र सरकार ने इन सभी जगहो पर इनर लाइन परमिट भी जारी किया है। इसकी वजह से ये नियम यहां लागू नहीं होंगे। इनर लाइन परमिट की बात की जाए तो यह एक यात्रा दस्तावेज है, जिसे भारत सरकार अपने नागरिकों के लिए जारी करती है, ताकि वो किसी संरक्षित क्षेत्र में निर्धारित वक्त के लिए यात्रा कर सकें।

अब इंतजार है NRC की…

यानी भारत के राष्ट्रीय नागरिक पंजी की जो भारत सरकार द्वारा निर्मित एक पंजी है जिसमें उन भारतीय नागरिकों के नाम है जो असम के वास्तविक (वैध ) नागरिक हैं। वैसे तो पहले यह पंजी विशेष रूप से असम के लिए ही निर्मित की गयी थी। परन्तु २० नवम्बर, २०१९ को हमारे गृहमन्त्री महोदय ने संसद में वक्तव्य दिया था कि इस पंजी का पूरे भारत में विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि इसे भारत की जनगणना १९५१ के बाद तैयार किया गया था। इसे जनगणना के दौरान वर्णित सभी व्यक्तियों के विवरणों के आधार पर ही तैयार किया गया था। जो लोग असम में बांग्लादेश बनने के पहले आए हैं यानी (२५ मार्च,१९७१ के पहले) केवल उन्हें ही भारत का नागरिक माना जाएगा।

पुस्तिका एक ही पृष्ठभूमि के तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विभिन्न संवेदनात्मक फ्रेमों में की गई दस्तानगोई का एक अद्भुत प्रयोग है। एक CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून, दूसरा NRC यानी राष्ट्रीय रजिस्टर ऑफ नागरिकता और तीसरा NPR यानी राष्ट्रीय पॉपुलेशन रजिस्टर। पूरी जानकारी को एक जगह इकट्ठा करने का जो प्रयास डाक्टर साब ने किया है उसे करने में काफी हद तक वे कामयाब रहे हैं। उन्होंने CAA कानून को शब्द स्वर देने का प्रयास किया वहीं साथ-साथ वर्तमान सामयिक सन्दर्भों को भी विमर्श से रेखांकित करने में बखूबी सफल रहे। यकीनन यह पुस्तिका लेखक की प्रखर संवेदनशीलता का नमूना और नागरिकता, शरणार्थी एवं घुसपैठ की पूर्णकथा है। पुस्तिका को पढ़ते हुए स्वयं में जानकारियों का एहसास आपके जेहन में पैवस्त हो जाता है। यही है कलमकार की जीत और यही है उनके लेखन का अभीष्ट।

पुस्तिका को पढ़ते हुए जितना दुःख आपको अपने देश की राजनीति से होती है उससे कहीं ज्यादा तकलीफ पार्टियो द्वारा समाज को दिग्भ्रमित करने के घटिया रवैया से।

डाक्टर साब एक बहुआयामी व्यक्तित्व से संपृक्त हैं और सामाजिक, राजनीतिक व साहित्य में पूरी ऊर्जा के साथ पूरी रचनात्मकता के साथ सृजनशील हैं। वे इस बात के लिए बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने इस विषय को उठाया है और अपनी तरफ से नागरिकता कानून को समाज को समझाने की भरपूर कोशिश भी की है। समाज के अस्पृश्य वर्ग को इस कानून में झांकने का साहस प्रदान किया है।

मुझे विश्वास है कि उनकी यह पुस्तिका CAA से जुड़े विमर्श में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और बुद्धिजीवियों की विषमताओं से सीधा संवाद करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

धन्यवाद !

अश्विनी राय ‘अरूण’

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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