समीर

शीतला पांडेय का जन्म २४ फरवरी, १९५८ को उत्तर-प्रदेश प्रांत के ओदार नामक गाँव में हुआ था जो वाराणसी के निकट है। शीतला पांडेय ने अपनी पढ़ाई बनारस में ही सम्पन की। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से मास्टर्स ऑफ़ कॉमर्स की उपाधि प्राप्त करके एक बैंक अधिकारी बन गए, मगर परिवार की इच्छा के विरुद्ध संगीत में रूचि होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़ दी, और पहुँच गए मायानगरी।

मायानगरी तो आ गए, मगर मायापति को खुश करना क्या इतना आसान था, उसके लिए कड़ी मेहनत और करारी किस्मत की भी बड़ी जरूरत होती है। तीन साल तक संघर्ष करने के बाद १९८३ में बेखबर फिल्म के लिये उन्हें गीत लिखने का मौका मिला।इंसाफ कौन करेगा, दो कैदी, रखवाला, बीबी हो तो ऎसी जैसी फिल्मों के गीत लिखने का मौका मिला, मगर ये सारे फिल्म असफल रहे और इसके कारण पांडेय जी भी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने में नाकामयाब रहे।

फिर से शुरू हुआ संघर्श, कितने ही बार उन्हें फिल्म निर्माता बेइज्जत कर के भगा देते। एक बार तो निर्माता निर्देशक ने ऊंची मीनार ऊंची मंजिल से उनकी डायरी तक को फेंक दिया। कितने तो उन्हें ताना देते थे की क्या तुम अपने बाप के नाम को भजाने आए हो?

ओह! हमने ये तो बताया ही नहीं की उनके पिताश्री महान गीतकार अंजान जी थे जो मायानगरी के सर्वश्रेष्ठ गीतकारों में से एक थे। उनके कुछ गानों को हम परिचय के लिए उदाहरण स्वरूप यहाँ दे रहे हैं; जैसे :- आपके हसीं रुख पे – बहारें फिर भी आएँगी। खइके पान बनारस वाला – डॉन। दिल तो है दिल, रोते हुए आते हैं सब, ओ साथी रे तेरे बिना क्या जीना, प्यार जिंदगी है – मुकद्दर का सिकंदर। मुझे नौलक्खा मंगा दे रे- शराबी आदि।

मगर पांडेय जी ने हिम्मत नहीं हारी, लगे रहे। और ऐसे ही दस बरस बीत गए मट्टी पलीद कराते हुए।

करत करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान, रसरी आवत जात ते सिल पर परत निशान। और फिर एक दिन… वर्ष १९९० में आमिर खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म दिल का एक गीत ‘मुझे नींद ना आये’ की अपार सफलता के बाद पांडेय जी एक अच्छे गीतकार के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हो गये। इसी वर्ष ही उनकी महेश भट्ट की फिल्म आशिकी का गीत ‘सांसों की जरूरत है जैसे’, ‘मैं दुनिया भूला दूंगा’ और ‘नजर के सामने जिगर के पास’ गीतों की सफलता के बाद तो किस्मत के पांव को मानों पर लग गए और वे उड़ चले आसाम को छूने।

पांडेय जी अब ‘समीर’ के नाम से जाने जाने लगे थे। उनको अब अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव भी मिलने शुरू हो गये। जिनमें अनिल कपूर की बेटा, ऋषि कपूर बोल राधा बोल, अजय देवगन की फूल और कांटे जैसी बडे बजट की फिल्में शामिल थी। इन फिल्मों की सफलता के बाद उन्होंने सफलता की नयी बुलंदियों को छुआ और एक से बढकर एक गीत लिखकर श्रोताओं को मंत्रमुंग्ध कर दिया। इनके ज्यादातर गीत हिट होते गए और इनके लिखे गीत आज भी लोगोंं के मन-मस्तिष्क एवं जुबान पर घर किए हैं।

आश्चर्य की बात तो यह है की उन्होंने ६५० फिल्मों में ४००० से अधिक गाने लिखे हैं, जो सबसे अधिक गीत लिखने का गिनिजबुक विश्व कीर्तिमान है।

उनके कुछ बेहतरीन गानों के बोल हम प्रस्तुत करते हैं…

साँवरिया- जब से तेरे नैना,
आशिक बनाया आपने- आशिक बनाया आपने
तेरे नाम- तेरे नाम
अंदाज़- किसी से तुम प्यार करो
राज़- आपके प्यार में
कभी खुशी कभी ग़म- कभी खुशी कभी ग़म
धड़कन- तुम दिल की धड़कन में
कुछ कुछ होता है- तुम पास आए, लड़की बड़ी अनजानी है
राजा हिन्दुस्तानी- परदेसी परदेसी
ये दिल्लगी- ओले ओले
हम हैं राही प्यार के- घूँघट की आड़ से
दीवाना- तेरी उम्मीद तेरा इंतजार, ऐसी दीवानगी
साजन मेरा दिल भी
आशिकी नजर के सामने
दिल मुझे नींद ना आए, आदि।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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