कर्पूर चन्द्र कुलिश

राजस्थान पत्रिका हिन्दी भाषा में प्रकाशित होने वाला एक दैनिक समाचार पत्र है, जिससे आज के समय में तकरीबन सभी देशवासी भलीभांति परिचित हैं। आज यह अखबार भारत के सात राज्यों से प्रकाशित हो रहा है।

आईए हम इसके इतिहास की ओर रुख करते हैं…

राजस्थान पत्रिका का आरंभ वर्ष १९५६ में उधार की ५०० रुपये से हुआ था। स्वर्गीय श्री कर्पूर चन्द्र कुलिश जी ने ७ मार्च, १९५६ को राजस्थान पत्रिका की आधारशिला रखी थी। पत्रिका ने अपना प्रथम संस्करण १९८१ में जोधपुर में प्रकाशित किया। पत्रिका की विश्वसनीयता के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण…

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ‘राजस्थान पत्रिका में छपे समाचार पत्र को विश्वसनीय माना जाता है और यह एक पूर्ण रूप से प्रामाणिक और पूर्णतया पत्रिका के संवाददाताओं द्वारा प्राप्त होती है। प्रत्येक समाचार छपने से पूर्व तीन बार जाँचा जाता है।’

अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर…
हिन्दी दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका के संस्थापक श्री कर्पूर चन्द्र कुलिश जी पहले समाचार पत्र राष्ट्रदूत के लिए कार्य किया करते थे। उस समय राजस्थान में अन्य दो समाचार पत्र लोकवाणी और नवयुग प्रमुख पाठक दल में शामिल थे, जो दोनों ही दिल्ली आधारित समाचार पत् हुआ करते थे। कुलिश जी प्रख्यात कवि एवं लेखक भी थे। उनका जीवन संघर्ष भरा रहा। सच कहा जाए तो वे राजस्थान में हिन्दी पत्रकारिता के जनक के रूप में जाना जाता है। वर्ष १९८६ में वे कार्यभार से मुक्त हुए मगर तब तक पत्रिका समूह को वे राजस्थान का सबसे अग्रणी समाचार पत्र बना चुके थे। महान पत्रकार श्री कुलिश जी का जन्म आज ही के दिन २० मार्च, १९२६ को राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा तहसील के सोडा नामक ग्राम में हुआ था।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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