स्वामी सारदानन्द

श्रीमां जब कामारपुकुर छोड़कर कलकत्ता आईं तो उनके और उनके पति भगवान रामकृष्ण परमहंस के प्रिय शिष्य शरतचन्द्र चक्रवर्ती, जो कालांतर में स्वामी सारदानंद के नाम से प्रसिद्ध हुए, ने उनके रहने के लिए कलकत्ता में उद्वोधन भवन का निर्माण करवाया। आइए आज हम आपको इन्हीं स्वामी सारदानन्द जी के बारे में बताते हैं…

परिचय…

स्वामी सारदानन्द का जन्म २३ दिसंबर, १८६५ को कलकत्ता में हुआ था। वे रामकृष्ण परमहंस के संन्यासी शिष्यों में से एक थे। जब रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द जी ने की (स्वामीजी स्वयं वर्ष १८९७ से वर्ष १९०१ तक रामकृष्ण मिशन के महाध्यक्ष पद पर रहे, उसके बाद वर्ष १९०१ से महाध्यक्ष के स्थान पर केवल अध्यक्ष कर दिया गया।) तब इसके प्रथम संपादक स्वामी सारदानन्द जी बने और १९ अगस्त, १९२७ अपने मृत्यु तक इस पद पर बने रहे। उन्होंने बांग्ला पत्रिका उद्बोधन का प्रकाशन किया। सारदानन्द जी ने श्रीरामकृष्ण लीलाप्रसंग नामक विख्यात पुस्तक की रचना की।

रचना…

स्वामी सारदानन्द ने रामकृष्ण की प्रामाणिक जीवनी ग्रंथ “श्रीरामकृष्ण लीलाप्रसंग” की रचना की। पाँच खंडों में रचित यह ग्रंथ रामकृष्ण की जीवनियों में सर्वश्रेष्ठ हैँ। इसके अतिरिक्त वे ‘भारत में शक्तिपूजा’ और ‘गीतातत्व’ नामक दो और पुस्तकों का लेखन किया।

कथन…

“Through selfless work the mind gets purified. And when the mind becomes pure, there arise knowledge and devotion in it.”

तात्पर्य :- निस्वार्थ कार्य से मन शुद्ध होता है। और जब मन पवित्र हो जाता है, तो उसमें ज्ञान और भक्ति पैदा होती है।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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