ड्रग्स केस और आर्यन खान

ड्रग्स केस नियम…

ड्रग्स के कानून को जानने से पहले यह जान लेना जरूरी है कि सीआरपीसी की धारा ४३७ के अनुसार, गैर जमानती मामलों में भी किसी भी आरोपी को जमानत मिलने का अधिकार है, इससे आरोपी जमानत के लिए अर्जी डालता है और केस के आधार पर उसे जमानत मिलती भी है। इसके अलावा धारा ४३९ में भी सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट को जमानत को लेकर विशेष अधिकार प्राप्त है। यह बात उच्च न्यायालय के एक काबिल अधिवक्ता का कहना है। उन्होंने आगे कहा कि, ‘ड्रग्स के मामले में नियम काफी कठोर और अलग हैं। दरअसल, होता यह है कि ड्रग्स से जुड़े मामले नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस (NDPS) एक्ट १९८५ के तहत निपटाए जाते हैं, जिसमें जमानत को लेकर अलग नियम हैं। यह कानून १४ नवंबर, १९८५ में १९४० के ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के स्थान पर बनाया गया था। इसमें १९८९, २००१, २०१४ में संशोधन हो चुका है। एनडीपीएस एक्ट में नॉर्कोटिक्स ड्रग्स का उत्पादन, अपने पास रखना, उसकी बिक्री करना, खरीदना, व्यापार करना, आयात या निर्यात करना, उपयोग और उपभोग करना अपराध है। लेकिन, चिकित्सा और विज्ञान के लिए इन ड्रग्स की छूट दी गई है। इस कानून में दोषी व्यक्ति को नशामुक्ति केंद्र भेजने से लेकर जेल भेजने और और जुर्माने की सजा दी जाती है।

ड्रग्स केस में जमानत….

दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता प्रेम जोशी जी के अनुसार, ‘ड्रग्स केस में इसलिए जल्दी जमानत नहीं मिलती है, क्योंकि एनडीपीएस में दो धारा २७ए और २९ ऐसे हैं, जिससे जमानत मिलने में काफी मुश्किल होती है। जानकारी के लिए बताते चलें कि रिया चक्रवर्ती मामले में भी इन धारा की वजह से ही जमानत मिलने में मुश्किल हुई थी और एक महीने का वक्त लग गया था। ऐसे ही आर्यन केस में भी है और इन दोनों धारा के इर्द-गिर्द बहस होती है।’ साथ ही उन्होंने आगे बताया कि, धारा २७ए में कहा गया है कि जो भी कोका प्लांट या अफीम के उत्पादन, निर्माण, बिक्री, खरीद, परिवहन, उपयोग या उपभोग, आयात और निर्यात करने जैसी गतिविधि में शामिल होता है अथवा ऐसी गतिविधि में लिप्त किसी भी व्यक्ति को शरण देता है, उसे भी कम से कम १० वर्ष के कारावास से दंडित किया जाएगा, जिसे १० वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है साथ ही जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी माना जाएगा। वहीं धारा २९ में कहा गया है कि अगर कोई ऊपर बताए गए अपराध आदि के लिए उकसाता भी है और उसे दंडित किया जाता है, चाहे वो अपराध उसके उकसावे की वजह से हुआ है या नहीं। जैसे मान लीजिए अगर किसी मामले में ड्रग पेडलर भी आरोपी है और अन्य लोगों को सजा मिलती है तो सेक्शन २९ के तहत उसे भी सजा मिलती है, भले ही उसकी सक्रिय भूमिका ना रही हो।

अगर ड्रग्स केस में मिलने वाली जमानत की बात करें तो इसमें धारा ३७ के तहत आरोपी को जमानत दी जाती है, मगर कुछ शर्तों पर। जैसे ; सरकारी वकील को जमानत की अर्जी पर विश्वास हो और वह जमानत का विरोध ना करे। साथ ही आरोपी को स्वयं बेगुनाही साबित करनी होती है और कोर्ट को यह विश्वास दिलाना होता है कि वह दोषी नहीं है और रिहाई के बाद ऐसा दुबारा नहीं करेगा। इस पर भी एक बाधा है क्योंकि, अगर पुलिस यह कहे कि जमानत देने से जांच में बाधा आ सकती है तब तो फिर रिहाई मुश्किल ही होती है और जमानत याचिका रद्द हो सकती है। इसलिए ऐसा कहा जा सकता है कि मुंबई ड्रग्स मामले यानी आर्यन खान (बालीवुड अभिनेता शाहरुख खान का पुत्र) के केस में ऐसा ही कुछ हो रहा है जिसमें आर्यन और उनके साथियों को जमानत नहीं मिल रही है।

आर्यन खान केस…

आर्यन खान को एनसीबी ने ३ अक्टूबर को मुंबई तट पर कॉर्डेलिया क्रूज जहाज पर एक रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान  गिरफ्तार किया था। इसक बाद ७ अक्टूबर को कोर्ट ने आर्यन को १४ दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वह फिलहाल मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद है। आर्यन खान के साथ एजेंसी ने सात अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। इस मामले में विदेशी नागरिकों और कथित ड्रग तस्करों सहित कुल बीस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आर्यन खान के साथ गिरफ्तार लोगों में मुनमुन धमेचा, अरबाज मर्चेंट, इसमीत सिंह, मोहक जसवाल, गोमित चोपड़ा, नूपुर सतीजा और विक्रांत छोकर के नाम शामिल हैं। मामले में जांच कर रही एजेंसी के अधिकारियों ने बताया था कि उन्होंने छापेमारी के दौरान १३ ग्राम कोकीन, ५ ग्राम एमडी, २१ ग्राम चरस, एमडीएमए (एक्स्टसी) की २२ गोलियां और १.३३ लाख रुपये नकद जब्त किए थे।

जमानत याचिका…

आर्यन खान की जमानत याचिका में उसके वकील ने कहा है कि, वह निर्दोष है और उसने कोई अपराध नहीं किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि यह एक स्वीकृत स्थिति है कि आर्यन खान से कोई वसूली नहीं हुई है और एनसीबी के कब्जे में उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं है।

एनसीबी का जवाब…

आर्यन ने छापेमारी के समय ड्रग्स का सेवन किया था और व्हाट्सएप चैट के आधार पर वह अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का हिस्सा है। एनसीबी ने आगे कहा है कि आर्यन बड़ी मात्रा में ड्रग्स का कारोबार करता था और उसके फोन से बरामद चैट में पैसे के लेन-देन के भरपूर सबूत थे। वहीं, इससे पहले आर्यन खान की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एनसीबी ने कोर्ट से कहा था कि उनके पास ऐसे सबूत मौजूद हैं जो ये बताते हैं कि आर्यन काफी सालों से प्रतिबंधित ड्रग्स का सेवन कर रहा है। इतना ही नहीं उसने अन्य देशों में भी नशा किया है।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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