हेमचन्द्र बरुआ

भाषाएं, चाहे जो भी हो। वह बेहद सम्मानित और बृहद रूप लिए हुए होती हैं, अतः इनकी महत्ता को कायम करना अथवा उसे बनाए रखने के लिए, कुछेक अंतरालों के बाद, उस भाषा के शब्दकोश को तैयार किया जाता है, जो बेहद जटिल कार्य है।

उसी तरह असमिया भाषा में भी शब्दकोश का निर्माण किया गया। पहला असमिया शब्दकोश डा. माइल्स ब्रोंसन, जो एक अमेरिकी बैपटिस्ट मिशनरी थे, के द्वारा संकलित किया गया था। इस पहले असमिया शब्दकोश का प्रथम प्रकाशन अमेरिकन बैपटिस्ट मिशन प्रेस शिवसागर द्वारा वर्ष १८६७ में किया गया था, जो अब नहीं छापा जाता है। कारण क्या था, इस पर फिर कभी चर्चा करेंगे। असमिया भाषा का दूसरा शब्दकोश हेमकोष है। इस शब्दकोश का पहला प्रकाशन वर्ष १९०० में कैप्टन पी.आर. गॉर्डन, आईएससी और हेमचन्द्र गोस्वामी की देखरेख में किया गया था। यह शब्दकोश ब्रोंसन के शब्दकोश से ३३ साल के बाद प्रकाशित हुआ था। उस समय इस शब्दकोश में २२,३४६ शब्द थे। इसे अभी भी हेमकोष प्रिंटर्स द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है और इस शब्दकोश को असमिया भाषा के मानक संदर्भ के रूप में देखा जाता है। इस शब्दकोश का संकलन हेमचन्द्र बरुआ द्वारा किया गया है। इसे सही मायनों में असमिया भाषा का पहला शब्द-व्युत्पत्ति शब्दकोश है, जो संस्कृत की वर्तनियों पर आधारित है।

हेमचन्द्र बरुआ…

हेमचन्द्र, असम के गोलाघाट जिले के निवासी थे, जिनका जन्म १० दिसंबर, १८३५ को आसाम के शिवसागर में हुआ था। इनके पिताजी का नाम मुक्तराम बरुआ था।

साक्षरता कार्य…

श्री बरुआ ने असमिया शब्दकोश के अलावा भी अनेकों ऐसे कार्य किए हैं, जो असमिया भाषा को समृद्ध करता है। उनमें से उनके कुछ कार्य नीचे सूचीबद्ध हैं :

१. असमिया व्याकरण, १८५९

२. आदिपथ, १८७३

३. पथमाला, १८८२

४. असमिया बच्चों के लिए व्याकरण, १८८६

(उपरोक्त सभी चार पुस्तकों को स्कूलों के लिए पाठ्य पुस्तकों के रूप में स्वीकार किया गया और ब्रिटिश सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया।)

५. पुरहक्सिलिया अभिधान (स्कूल शब्दकोश)

६. बहिरी रँग सांग

७. भितरी किवाभातुरी

८. कनियार कीर्तन

९. स्वास्थ्य का मार्ग

१०. असमिया विवाह प्रणाली

साथ ही वे १८८३·८५ तक ‘वह गुवाहाटी’ नामक असम समाचार पत्र के संपादक भी रहे थे।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

Similar Articles

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisment

Instagram

Most Popular

मणिकर्णिका घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...

पंचगंगा घाट

काशी की बसावट के लिहाज से शहर के उत्तरी छोर से गंगा की विपरीत धारा की ओर चलें तो आदिकेशव घाट व राजघाट के...

आदिकेशव घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...