रामचन्द्र वर्मा

आज हम बात करने वाले हैं, वर्ष १९०७ में बालगंगाधर तिलक के मराठी पत्र ‘केसरी’ के हिन्दी संस्करण की जिम्मेदारी निभाने वाले एवम हिन्दी साहित्य की महती सेवक श्री रामचन्द्र वर्मा जी के बारे में, जिन्होंने हिंदी जगत को कई महत्त्वपूर्ण कृतियों द्वारा संपन्न किया है।

परिचय…

श्री रामचन्द्र वर्मा जी का जन्म ८ जनवरी, १८९० को बनारस में हुआ था। उनके पिता जी का नाम दीवान परमेश्वरी दास था। उनकी प्राथमिक शिक्षा ही मूल शिक्षा रही, उन्हें विद्यालय जाने का बहुत कम मौका मिला। परंतु अपने अध्यवसाय से उन्होंने हिंदी, उर्दू, फारसी, मराठी, बंगला, गुजराती, अंग्रेजी आदि भाषाओं का बहुत अच्छा ज्ञान प्राप्त कर लिया। कालांतर में उनकी हिंदी सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्मश्री’ सम्मान से अलंकृत किया। सम्मानित किया था।

पत्रकारिता…

श्री वर्मा ने अपने जीवन की शुरुआत पत्रकारिता से आरम्भ किया। वर्ष १९०७ में उन्होंने नागपुर के पत्र ‘हिंदी केसरी’ के सम्पादक का पद ग्रहण किया। कुछ समय तक वे बांकीपुर के पत्र ‘बिहार बंधु’ के संपादक भी रहे। उसके बाद वे १९१० से १९२९ तक काशी नागरी प्रचारिणी सभा के हिंदी शब्द सागर के सहायक संपादक के पद पर रहे। उन्होंने लोगों को शुद्ध हिंदी लिखने और बोलने के लिए सदा प्रेरित किया।

लेखन…

आपको यह जानकर बेहद गर्व होगा कि हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा पांच खंडों में प्रकाशित ‘मानक हिंदी कोश’ रामचंद्र वर्मा जी के परिश्रम का ही फल है। ‘संक्षिप्त हिंदी शब्द सागर’ के संपादन का और विभिन्न भाषाओं के प्रसिद्ध ग्रंथों के अनुवाद का श्रेय भी इन्हें ही है। इतना ही नहीं उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित पत्रिकाओं के कोष विभाग में कार्य किया और ‘साहित्य रत्नमाला कार्यालय’ का गठन किया।

प्रमुख कृतियाँ : 

१. अच्छी हिन्दी

२. हिन्दी प्रयोग मानक हिन्दी व्याकरण

३. हिंदी कोश रचना

४. शब्द और अर्थ

५. शब्द साधना शब्दार्थ दर्शन

६. कोशकला

७. प्रामाणिक हिंदी कोश

८. उर्दू हिंदी कोश

अनुदित कृतियाँ : 

१. हिन्दी ज्ञानेश्वरी दासबोध

२. हिन्दू राजतन्त्र

३. साम्यवाद धर्म की उत्पत्ति और विकास

४. पुरानी दुनिया

५. छत्रशाल

६. प्राचीन मुद्रा

७. रायफल

८. देवलोक आदि।

अलंकरण…

हिंदी सेवा के कारण भारत सरकार ने इन्हें ‘पद्मश्री’ सम्मान से अलंकृत किया।

अपनी बात…

इनकी सादगी और इनके स्वभाव की सरलता प्रत्येक मिलने वाले साहित्यिक पुजारी पर अपना प्रभाव डाले बिना न रह पाती। वर्ष १९६९ में यह काशीवासी बाबा के धाम की ओर अग्रसर हो गया। इन्होंने आदिकाल की कालावधि संवत् ७५० से १३७५ तक मानकर उसे दो खण्डों में विभाजित किया है…

१. संधिकाल – ७५० से १००० वि. तक,

२. चारणकाल – १००० से १३७५ वि. तक।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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