रामनवमी विशेष कविता: बक्सर की पावन धरा और ‘अवधपुरी का प्रकाश’

भय प्रगट कृपाला,  दीनदयाला, कौसल्या हितकारी, बक्सर की इस पावन रज पर,  छटा अलौकिक न्यारी। … Continue reading रामनवमी विशेष कविता: बक्सर की पावन धरा और ‘अवधपुरी का प्रकाश’