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पंचगंगा घाट

काशी की बसावट के लिहाज से शहर के उत्तरी छोर से गंगा की विपरीत धारा की ओर चलें तो आदिकेशव घाट व राजघाट के बाद पंचगंगा घाट प्रमुख घाट आता है। पंचगंगा...

आदिकेशव घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी में लगभग ८४ घाट हैं, जो लगभग ४...

मामा जी की स्मृति से

अपने बेटों से परेशान होकर एक महोदय कैंट स्टेशन के एक बैंच पर सोए हुए थे। उन्हें कहीं जाना था, मगर कहां यह उन्हें भी पता नहीं था। बस जाना था, तो...

दशाश्वमेध घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी में लगभग ८४ घाट हैं, जो लगभग ४...

काशी के घाट भाग – २

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी में लगभग ८४ घाट हैं, जो लगभग ४...

काशी के घाट भाग – ३

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। जानकारी के अनुसार ये लगभग ८४ घाट हैं, जो...

काशी के घाट भाग -४

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। इनकी गड़ना लगभग ८४ है। ये घाट लगभग ४...

काशी के घाट भाग – ५

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी में लगभग ८४ घाट हैं, जो लगभग ४...

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वल्लभाचार्य

हम बात शुरू करते हैं आदि शंकराचार्य से, जिन्होंने घोषणा की थी कि जो दिखाई देने वाली दुनिया है वह सिर्फ झूठ है। अगर कुछ सत्य है, तो सिर्फ ब्रह्म है। उनके...

कबीर दास

भजो रे भैया राम गोविंद हरी। राम गोविंद हरी भजो रे भैया राम गोविंद हरी।। जप तप साधन नहिं कछु लागत, खरचत नहिं गठरी।। संतत संपत सुख के कारन, जासे भूल परी।। कहत कबीर राम नहीं...

वामन देव

महर्षि कश्यप की पहली पत्नी अदिति से उत्पन्न हुए पुत्रों को आदित्य कहा जाता है, ये बारह हैं। इंद्र (देवताओं के राजा), विवस्वान् (सूर्य देव), पर्जन्य (मेघों के नियंत्रक), त्वष्टा (सूर्य को...

संत रैदास

रविदास अथवा रैदास मध्यकालीन भारत के महान संत थे। इन्हें सतगुरु अथवा जगतगुरु की उपाधि दी जाती है। इन्होने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की और इनके रचे गये कुछ भजन...

राय कृष्णदास

लेखक, गीतकार, कहानीकार, चित्रकार, मूर्तिकार, पुरातत्वविद् आदि विषयों में महारथ हासिल करने वाले कृष्णदास जी ‘ललित कला अकादमी' के भी सदस्य थे, परंतु उनका विशेष योगदान हिन्दी के प्रति रहा। उन्होंने इसमें...

महेन्द्रनाथ गुप्त

श्रीरामकृष्ण परमहंस के शिष्य एवं परमहंस योगानंद के गुरु श्रीमान 'एम' तथा 'मास्टर महाशय' के नाम से प्रसिद्ध महेन्द्रनाथ गुप्त का जन्म १२ मार्च, १८५४ को कोलकाता (कलकत्ता) में हुआ था। परिचय... महेंद्रनाथ गुप्ता...

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नेल पॉलिश

कोरोना संक्रमण काल के मध्य अथवा यूं कहें तो लॉकडाउन के बाद फिल्म शूटिंग के लिहाज से यह साल यानी 2020 बहुत ज्यादा अच्छा...

नरक चतुर्दशी

दीपावली के ठीक एक दिन पूर्व एवम धनतेरस के दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी पड़ता है। जिसे छोटी दीवाली, रूप चौदस और काली चतुर्दशी...

दीपावली

असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ अर्थात्... असत्य से सत्य की ओर। अंधकार से प्रकाश की ओर।मृत्यु से अमरता की ओर।(हमें...

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काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...