UBI साप्ताहिक कविता प्रतियोगिता #०३ दिनांक : ०४-११-१८ मेरी खा़बे-कायनात उसे देखा...
UBI साप्ताहिक कविता प्रतियोगिता # ५ दिनांक – १८-१२-१८ विषय – रिश्ते बदलते...
काफिला और शून्य: वीआईपी संस्कृति, राजनीतिक अवसरवाद और आम आदमी का छलावा वैश्वीकरण...
काफिला और शून्य वह टकटकी लगाए देखता रहा, वीआईपी को तो कभी खुद...
महा-समीक्षा: ‘बिहार एक आईने की नजर से’ — इतिहास का गौरव, वर्तमान की सिसकी...
हिसाब ‘राम-भरोसे’ अयोध्या है प्रभु राम की, और मंदिर भी उन्हीं का है।...
फिल्म समीक्षा: ४०४ एरर नॉट फाउंड (404 Error Not Found) परिचय और सारांश...
सिनेमा का संत-सभ्य कलाकार: भारत भूषण की महागाथा, फिल्में और नियति का खेल ...
एशिया का ब्राजील: नंगे पैरों से आधुनिक बूट्स तक भारतीय फुटबॉल की शौर्यगाथा ...