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सूरज कुण्ड, काशी

सूरज कुण्ड, काशी के गोदौलिया से नई सड़क की ओर जाने वाले रास्ते पर सनातन धर्म इंटर कालेज के बगल से अंदर जाने पर सूरज कुण्ड स्थित है। कुण्ड के समीप ही...

राम कुण्ड, काशी

राम कुण्ड काशी के लक्सा क्षेत्र के अयोध्यापुरी में राम कुण्ड स्थित है। प्राचीनता... बनारस राज्य के समय के मानचित्र संख्या ३५६ मौजा रामापुरा, परगना देहात, अमानत सन् १८८३-८४ में भी रामकुंड अंकित है।...

विमल कुण्ड, काशी

विमल कुण्ड प्राचीन काशी नगरी में स्थित है, जिसे हम पिशाचमोचन तालाब के नाम से भी जानते हैं। मंदिर... पिशाचमोचन पर पिशाचेश्वर का मंदिर है। और वहीं भगवान छागलेश्वर हैं। पिशाचमोचन तट पर ही...

पितृ कुण्ड

पितृ कुण्ड देव के देव महादेव की नगरी काशी में स्थित है, जिसकी महिमा का बखान महाभारत में जलदान की महिमा का वर्णन करते समय किया गया है। संसार में जल से...

क्रीं कुण्ड

बाबा की नगरी काशी अघोर साधना के केन्द्र के रूप में भी जाना जाता है। काशी के शिवाला मुहल्ले में स्थित है एक अघोर साधना का केन्द्र ‘क्रीं कुण्ड’। इसका मुख्य द्वार...

कुरुक्षेत्र कुण्ड, काशी

अस्सी से पंच मंदिर होते हुए रवीन्द्रपुरी कालोनी जाने वाले मार्ग पर दाहिनी ओर स्थित कुरुक्षेत्र कुण्ड के बारे में ऐसी मान्यता है कि यह कुण्ड हरियाणा राज्य के पानीपत स्थित कुरुक्षेत्र...

बकरिया कुण्ड

बकरिया कुण्ड काशी के अलईपुर क्षेत्र स्थित बकरिया कुण्ड मुहल्ले में है जिसे आज बोल-चाल की भाषा में बकरिया कुण्ड के नाम से जाना जाता है। इसको उत्तरार्क या बर्करी कुण्ड भी...

बेनिया कुण्ड, काशी

बेनिया कुण्ड काशी में स्थित है। आज से कई हजार वर्ष पूर्व काशी का बेणी तीर्थ था, सम्प्रति बेनिया बाग के विशाल मैदान के एक छोर का कूड़ा-करकट व बड़ी-बड़ी जंगली घास...

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वल्लभाचार्य

हम बात शुरू करते हैं आदि शंकराचार्य से, जिन्होंने घोषणा की थी कि जो दिखाई देने वाली दुनिया है वह सिर्फ झूठ है। अगर कुछ सत्य है, तो सिर्फ ब्रह्म है। उनके...

कबीर दास

भजो रे भैया राम गोविंद हरी। राम गोविंद हरी भजो रे भैया राम गोविंद हरी।। जप तप साधन नहिं कछु लागत, खरचत नहिं गठरी।। संतत संपत सुख के कारन, जासे भूल परी।। कहत कबीर राम नहीं...

वामन देव

महर्षि कश्यप की पहली पत्नी अदिति से उत्पन्न हुए पुत्रों को आदित्य कहा जाता है, ये बारह हैं। इंद्र (देवताओं के राजा), विवस्वान् (सूर्य देव), पर्जन्य (मेघों के नियंत्रक), त्वष्टा (सूर्य को...

संत रैदास

रविदास अथवा रैदास मध्यकालीन भारत के महान संत थे। इन्हें सतगुरु अथवा जगतगुरु की उपाधि दी जाती है। इन्होने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की और इनके रचे गये कुछ भजन...

राय कृष्णदास

लेखक, गीतकार, कहानीकार, चित्रकार, मूर्तिकार, पुरातत्वविद् आदि विषयों में महारथ हासिल करने वाले कृष्णदास जी ‘ललित कला अकादमी' के भी सदस्य थे, परंतु उनका विशेष योगदान हिन्दी के प्रति रहा। उन्होंने इसमें...

महेन्द्रनाथ गुप्त

श्रीरामकृष्ण परमहंस के शिष्य एवं परमहंस योगानंद के गुरु श्रीमान 'एम' तथा 'मास्टर महाशय' के नाम से प्रसिद्ध महेन्द्रनाथ गुप्त का जन्म १२ मार्च, १८५४ को कोलकाता (कलकत्ता) में हुआ था। परिचय... महेंद्रनाथ गुप्ता...

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नेल पॉलिश

कोरोना संक्रमण काल के मध्य अथवा यूं कहें तो लॉकडाउन के बाद फिल्म शूटिंग के लिहाज से यह साल यानी 2020 बहुत ज्यादा अच्छा...

नरक चतुर्दशी

दीपावली के ठीक एक दिन पूर्व एवम धनतेरस के दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी पड़ता है। जिसे छोटी दीवाली, रूप चौदस और काली चतुर्दशी...

दीपावली

असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ अर्थात्... असत्य से सत्य की ओर। अंधकार से प्रकाश की ओर।मृत्यु से अमरता की ओर।(हमें...

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काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...

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काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...