जब मैं तेरे बारे में किताब लिखूंगा… जब मैं तेरे बारे में किताब...
कविता
मौलिक हिंदी कविताओं का विशाल संग्रह: सामाजिक, आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक
“हमारे ‘कविता’ अनुभाग में आपका स्वागत है! यहाँ आपको विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण द्वारा रचित सभी मौलिक हिंदी कविताएँ मिलेंगी। इस संग्रह में ‘मोबाइल का नशा’ और ‘मानवता के द्रोही’ जैसी महत्वपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं, जो सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। हिंदी कविता के इस अद्भुत संसार में गोता लगाएँ।”
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण कहते हैं, ‘कुछ ना कहकर सब कुछ कह जाने की कला ही कविता है’
व्यंग्य: ‘मुद्दों का सर्कस और अक्ल की चाबी’ सिलेंडर बाबा रूठ गए हैं,...
वो आ जाए तो नज़्म मुकम्मल हो जाए ज़मीं पे चाँद उतरा है,...
वो भी क्या मुसाफ़िरी, जो बस मंज़िल तक पहुँचा दे, मज़ा तो उस रास्ते...
।। अवधपुरी का प्रकाश ।। भय प्रगट कृपाला, दीनदयाला, कौसल्या हितकारी, बक्सर की...
वंदे मातरम! वंदे मातरम! यही मंत्र है, यही तंत्र है, मुक्ति का उल्लास,...
अंगूठों की थिरकन में, दिन गुज़र जाते हैं, अपनों के पास होकर भी, दूर...
सामने रोशन मंच सजा, किरदार बुलाते हैं, झूठी हँसी के गहने, सबको यहाँ सुहाते...
सच नंगा फिरता है, कोई पास नहीं आता, रेशम पहने झूठे से, हर कोई...
भीड़ भरी दुनिया में, मैं तन्हा सा रहता हूँ, खामोशी की चादर ओढ़े, मन...