फ़िल्म/डॉक्यूमेंट्री समीक्षा: ‘द ताजमहल स्टोरी’ — स्थापत्य का रहस्य, ऐतिहासिक अभिलेख और सांस्कृतिक निरंतरता...
फ़िल्म समीक्षा: ‘चित्तौड़ विजय’ (१९४७) — स्वाभिमान, देशभक्ति का ज्वार और सिनेमाई महागाथा का...
फ़िल्म समीक्षा: ‘परिवर्तन’ (१९५०) — सामाजिक संकीर्णता, नव-विचारों का संघर्ष और परिवर्तन की चेतना...
फ़िल्म समीक्षा: ‘बरसात’ (१९४९) — प्रेम की आकुलता, संगीतमय सौंदर्य और ‘आर. के. फ़िल्म्स’...