Skip to content
cropped-icon-shoot2pen-2.jpg

साहित्य : अतीत की धरोहर, वर्तमान की प्रेरणा

Primary Menu
  • Home
  • Recent Blog
  • हिंदी साहित्यकार
  • अन्य भाषाओं के साहित्यकार
  • स्थानीय साहित्यकार (बक्सर)
  • आयोजन
  • साहित्य संग्रह
  • विद्यावाचस्पति अश्विनी राय “अरुण”
    • पुस्तक समीक्षा
    • पुस्तक
    • कहानीविचारों की धुंध से निकली परछाईं को कहानी कहते हैं।
    • कविता
    • आलेखसच्चाइयों की अभिव्यक्ति ही आलेख है।
  • हरा भारत हरा गाँव
  • संपर्क
Light/Dark Button
ताजा आलेख
1771098016510

महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता

InShot_20260126_084747254

२६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर

InShot_20260125_161905632

दस्ताने: दोहरे चरित्र

1769087965994

सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता

InShot_20260122_073642278

हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

1771098016510
1 min read
  • कविता

महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता

ashwinirai February 15, 2026
InShot_20260126_084747254
1 min read
  • कविता

२६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर

ashwinirai January 26, 2026
InShot_20260125_161905632
1 min read
  • कविता

दस्ताने: दोहरे चरित्र

ashwinirai January 25, 2026
1769087965994
1 min read
  • कविता

सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता

ashwinirai January 22, 2026
InShot_20260122_073642278
1 min read
  • आलेख

हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

ashwinirai January 22, 2026
InShot_20260119_115801244
1 min read
  • आलेख

UGC रेगुलेशन 2026: समानता या सवर्ण समाज के विरुद्ध नया ‘शरिया’? एक विश्लेषण

ashwinirai January 19, 2026
InShot_20260116_140417212
1 min read
  • कविता
  • मंदिर दर्शन और यात्रा साहित्य

काशी मणिकर्णिका घाट विध्वंस: सौंदर्यीकरण या विरासत का विनाश? (एक मार्मिक कविता)

ashwinirai January 16, 2026
InShot_20260115_090633344
1 min read
  • कविता

मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ – लोहड़ी, पोंगल, बीहू और उत्तरायण पर विशेष कविता

ashwinirai January 15, 2026
InShot_20260111_173351792
1 min read
  • कविता
  • भजन–कीर्तन

राम: भारत की आत्मा और पूर्णत्व का प्रतीक | एक विशेष कविता

ashwinirai January 11, 2026
InShot_20260111_170552902
1 min read
  • अन्य भाषाओं के साहित्यकार
  • पुस्तक समीक्षा

सच्ची रामायण की समीक्षा: वैचारिक पूर्वाग्रह या सत्य का अन्वेषण? भाग– ५

ashwinirai January 11, 2026

कहानी

1767940602473
1 min read
  • कहानी

दावत का महा-दंगल: जब थाली में हुआ ‘कॉमेडी शो’! 

ashwinirai January 9, 2026
1765157518178
1 min read
  • कहानी

📜 कहानी: अगरबत्ती की सीख

ashwinirai June 15, 2025

कविता

1771098016510 1
  • कविता

महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता

February 15, 2026
InShot_20260126_084747254 2
  • कविता

२६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर

January 26, 2026
InShot_20260125_161905632 3
  • कविता

दस्ताने: दोहरे चरित्र

January 25, 2026
1769087965994 4
  • कविता

सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता

January 22, 2026
InShot_20260116_140417212 5
  • कविता
  • मंदिर दर्शन और यात्रा साहित्य

काशी मणिकर्णिका घाट विध्वंस: सौंदर्यीकरण या विरासत का विनाश? (एक मार्मिक कविता)

January 16, 2026
InShot_20260115_090633344 6
  • कविता

मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ – लोहड़ी, पोंगल, बीहू और उत्तरायण पर विशेष कविता

January 15, 2026
InShot_20260111_173351792 7
  • कविता
  • भजन–कीर्तन

राम: भारत की आत्मा और पूर्णत्व का प्रतीक | एक विशेष कविता

January 11, 2026
1771098016510
1 min read
  • कविता

महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता

ashwinirai February 15, 2026
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर, भगवान शिव की महिमा को समर्पित विशेष रचना प्रस्तुत...
और पढ़ें
InShot_20260126_084747254
1 min read
  • कविता

२६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर

ashwinirai January 26, 2026
सफ़ेद कमीज़, तिरंगा हाथ में, वो सुबह निराली होती थी, अश्विनी! तब देश की...
और पढ़ें
InShot_20260125_161905632
1 min read
  • कविता

दस्ताने: दोहरे चरित्र

ashwinirai January 25, 2026
हाथों की गंदगी छिप जाए, इसलिए पहने हैं ‘दस्ताने’, अपनी फितरत बदल न सके,...
और पढ़ें
1769087965994
1 min read
  • कविता

सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता

ashwinirai January 22, 2026
सवर्ण – अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी?   राष्ट्रवाद का झोला टांगे, मैं सवर्ण...
और पढ़ें
InShot_20260122_073642278
1 min read
  • आलेख

हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

ashwinirai January 22, 2026
अजब समय आया है! जब भी कोई निरंकुश सत्ताधारी दिखता है, इतिहास के पन्नों...
और पढ़ें
InShot_20260119_115801244
1 min read
  • आलेख

UGC रेगुलेशन 2026: समानता या सवर्ण समाज के विरुद्ध नया ‘शरिया’? एक विश्लेषण

ashwinirai January 19, 2026
जब हम “Promotion of Equality in Higher Education Regulation 2026” की परतों को खोलते...
और पढ़ें
InShot_20260116_140417212
1 min read
  • कविता
  • मंदिर दर्शन और यात्रा साहित्य

काशी मणिकर्णिका घाट विध्वंस: सौंदर्यीकरण या विरासत का विनाश? (एक मार्मिक कविता)

ashwinirai January 16, 2026
 अहिल्याबाई होलकर जी ने जिन खंडहरों को पुनर्जीवित किया था, उन्हें आज ‘पुनरुद्धार’ के...
और पढ़ें
InShot_20260115_090633344
1 min read
  • कविता

मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ – लोहड़ी, पोंगल, बीहू और उत्तरायण पर विशेष कविता

ashwinirai January 15, 2026
॥ मकर संक्रांति: सांस्कृतिक एकात्मकता का पर्व ॥   तिल-गुड़ की मिठास और पतंगों...
और पढ़ें
InShot_20260111_173351792
1 min read
  • कविता
  • भजन–कीर्तन

राम: भारत की आत्मा और पूर्णत्व का प्रतीक | एक विशेष कविता

ashwinirai January 11, 2026
॥ राम भारत के पूर्णत्व ॥   उत्तर की ऊँची चोटी से, दक्षिण के...
और पढ़ें
InShot_20260111_170552902
1 min read
  • अन्य भाषाओं के साहित्यकार
  • पुस्तक समीक्षा

सच्ची रामायण की समीक्षा: वैचारिक पूर्वाग्रह या सत्य का अन्वेषण? भाग– ५

ashwinirai January 11, 2026
राम! राम! राम! पिछले चार भागों को छोड़कर अगर हम पेरियार की “सच्ची रामायण”...
और पढ़ें

Posts pagination

1 2 3 4 … 116 Next

हाल के पोस्ट

  • महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता
  • २६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर
  • दस्ताने: दोहरे चरित्र
  • सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता
  • हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

हाल की टिप्पणियां

  1. भक्त नामदेव – शूट२पेन on संत नामदेव के अभंग
  2. संजय गुप्ता – शूट२पेन on राज कॉमिक्स के संस्थापक, पात्र और स्वर्णिम युग की कहानी (1984-वर्तमान)
  3. राज कॉमिक्स – शूट२पेन on संजय गुप्ता
  4. custom writing essays services on लालबहादुर शास्त्री
  5. is tadalafil a name brand drug on लालबहादुर शास्त्री

श्रेणियाँ

  • अन्य भाषाओं के साहित्यकार
  • आयुर्वेद
  • आयोजन
  • आलेख
  • एकांकी
  • कविता
  • कहानी
  • कॉमिक्स
  • पत्र
  • पुस्तक
  • पुस्तक समीक्षा
  • फिल्म समीक्षा
  • भजन–कीर्तन
  • मंदिर दर्शन और यात्रा साहित्य
  • महान रचनाएं
  • विद्यावाचस्पति अश्विनी राय "अरुण"
  • साहित्य संग्रह
  • स्थानीय साहित्यकार (बक्सर)
  • हरा भारत हरा गाँव
  • हिंदी साहित्यकार

ऐसी आलेख जो आपसे छूट गई होंगी

1771098016510
  • कविता

महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता

February 15, 2026
InShot_20260126_084747254
  • कविता

२६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर

January 26, 2026
InShot_20260125_161905632
  • कविता

दस्ताने: दोहरे चरित्र

January 25, 2026
1769087965994
  • कविता

सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता

January 22, 2026
InShot_20260122_073642278
  • आलेख

हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

January 22, 2026
InShot_20260119_115801244
  • आलेख

UGC रेगुलेशन 2026: समानता या सवर्ण समाज के विरुद्ध नया ‘शरिया’? एक विश्लेषण

January 19, 2026

ताजा आलेख

  • महाशिवरात्रि: शिव शून्यता और पूर्णता का दर्शन | दार्शनिक लेख और कविता
  • २६ जनवरी का ‘बूंदी’ पुराण: बचपन की जलेबी से २०२६ के विमर्श तक का सफर
  • दस्ताने: दोहरे चरित्र
  • सवर्ण: अपनी ही ज़मीन पर शरणार्थी? | आरक्षण और राजनीति पर एक तीक्ष्ण कविता
  • हिटलर बनाम ‘हमारे हिटलर’: चेहरों और हथियारों का बहरूपिया खेल — एक तीक्ष्ण व्यंग्य

हमारे साथ जुड़ें

  • Facebook
  • Youtube
  • Twitter
  • Instagram
  • Linkedin
  • VK

केटेगरी के अनुसार चुने

अन्य भाषाओं के साहित्यकार आयुर्वेद आयोजन आलेख एकांकी कविता कहानी कॉमिक्स पत्र पुस्तक पुस्तक समीक्षा फिल्म समीक्षा भजन–कीर्तन मंदिर दर्शन और यात्रा साहित्य महान रचनाएं विद्यावाचस्पति अश्विनी राय "अरुण" साहित्य संग्रह स्थानीय साहित्यकार (बक्सर) हरा भारत हरा गाँव हिंदी साहित्यकार

कॉपीराइट © सर्वाधिकार सुरक्षित. | ChromeNews by AF themes.