Category: कविता

खामोशी क्या कहती है?

कान लगा, सुन तो जरा ये खामोशी क्या कहती है? कुछ उलझनों के भाव हैं, इनमें तो कुछ पछताओं के भी हैं कुछ खुशी की थिरकन है इनमें तो कुछ दुख के बोझ लिए हुए भी हैं...

हम बिहार हईं।

  हम सीता के जन्मस्थली, राम ज्ञान अपार हईं। हम महावीर के तपस्या, त बुद्ध के अवतार हईं।। आईब जा त देखब जा कईसन हम बिहार हईं। भारतेंदु के हिन्दी हम, हमहीं रेणु के सार हईं। दिनकर के कविता त, विद्यापति के...

क्या है पिता ?

अभ्युदय पत्रिका पिता विशेषांक कभी पाबंदियों का फरमान तो कभी नए नए कानूनों से भरा संविधान थे पिता स्कूलों में हमारी गलती की सजा के हकदार तो कभी हमारी तरक्की के पहचान थे पिता हर दुख में आगे तो कभी हर खुशी के...

रामायण चौपाई

मंगल भवन अमंगल हारी द्रबहु सुदसरथ अजिर बिहारी (राम सिया राम, सिया राम जय जय राम) अर्थ : जो मंगल करने वाले और अमंगल को दूर करने वाले हैं, वो दशरथ नंदन श्रीराम जी हैं,...

जी हां ! मैं मिडिल क्लास का हूं।

  सुबह हो गई, मोर्निग वॉक नहीं, दूध लेने जाना है। कहीं देरी हो गई तो... ग्वाला पानी मिला देगा। रोड पर खड़े खड़े ही पास वाले के अखबार से वह अक्षर चुरा लेगा। घर आते ही बाथरूम में वह भागा एक...

हौसलों की उड़ान

#UBIContest - 77 विषय : उड़ान संख्या २०२२ विधा : कविता शीर्षक : हौसलों की उड़ान हौसलों के धागों को थाम अभी कटी नहीं, ढील पड़ी है पहचान अभी उड़ान अभी बाकी है आसमान अभी बाकी है परिंदों को देख कर अपने पर...

सोने के लिए जागना

सोने के लिए जागना घर की अटारी पर किताबें भरी हुई हैं मेरी रातों की नींद हराम करने को कई रातों से सोने के लिए वे मुझे जगा रहे हैं मैं पढ़ता हूँ उनको वो पढ़ते हैं मुझको पूरी रात जागते हैं सुबह...

बॉब बिस्वास

निर्देशक - दिया अन्नपुर्णा घोष कलाकार - अभिषेक बच्चन, चित्रागंदा सिंह, परन बंदोपाध्याय, समारा तिजोरी कहानी - सुजोय घोष साल २०१२ में एक फिल्म आई थी कहानी, मुख्य किरदार को विद्या बालन ने अभिनीत किया...

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