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स्वामिनारायण अक्षरधाम मन्दिर

विशाल भूभाग में फैला दुनिया का सबसे बड़ा मन्दिर, स्वामिनारायण अक्षरधाम मन्दिर है, जो ज्योतिर्धर भगवान स्वामिनारायण की पुण्य स्मृति में बनवाया गया है। दुनिया के सबसे बड़े परिसर होने की वजह...

रामकटोरा कुण्ड

रामकटोरा कुण्ड काशी के जगतगंज क्षेत्र में सड़क किनारे रामकटोरा कुण्ड स्थित है। इसी कुण्ड के नाम पर ही मोहल्ले का नाम रामकटोरा पड़ा। यह कुण्ड कटोरे के आकार का है। मंदिर... रामकटोरा कुण्ड...

मातृ कुण्ड

मातृ कुण्ड, देवाधि देव महादेव के त्रिशूल पर अवस्थित अति प्राचीन नगरी काशी के लल्लापुरा में पितृकुण्ड के पहले किसी जमाने में स्थित था। विडंबना... विडंबना यह की इस कुण्ड को क्षेत्रीय लोगों ने...

कर्णघण्टा सरोवर

कर्णघण्टा सरोवर काशी नगरी अंतर्गत नीचीबाग से बुलानाला जाने वाले मार्ग में स्थित है। परिचय... इस समय यह सरोवर विलुप्त होने की कगार पर है। सरोवर पर गुरु पूर्णिमा के दिन यहां स्थित शिवलिंग...

मत्स्योदरी तालाब

मत्स्योदरी तालाब प्राचीन नगरी काशी के विश्वेश्वरगंज से प्रह्लाद घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित है। इसी तालाब के नाम पर मोहल्ले का नाम भी मच्छोदरी पड़ा है। बारिश में...

कपाल मोचन तीर्थ

कपाल मोचन तीर्थ काशी स्थित कज्जाकपुरा से पुराना पुल जाने वाले रास्ते पर है। कथा... कपाल मोचन तीर्थ की लीला भी अपरंपार है, जब काल भैरव भगवान ब्रह्मा जी का शीश लेकर युगों युगों...

ऐतरनी-वैतरणी तालाब

ऐतरनी-वैतरणी तालाब काशी अंतर्गत कज्जाकपुरा से कोनिया जाने वाले रास्ते पर है। रेलवे लाइन का निर्माण होने के बाद यह तालाब दो भागों में विभक्त हो गया है। मान्यता... पहले के समय में तीर्थ...

बृद्धकाल कूप

काशी के मैदागिन चौमुहानी के पास दारानगर मुहल्ले में है कलश कूप। कश्मीरीमल की हवेली। चन्द्र कूप सिद्धेश्वरी मुहल्ले में, धर्म कूप मीरघाट मुहल्ले में, शुक्र कूप कालिका गली में तथा शुभोदक...

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वल्लभाचार्य

हम बात शुरू करते हैं आदि शंकराचार्य से, जिन्होंने घोषणा की थी कि जो दिखाई देने वाली दुनिया है वह सिर्फ झूठ है। अगर कुछ सत्य है, तो सिर्फ ब्रह्म है। उनके...

कबीर दास

भजो रे भैया राम गोविंद हरी। राम गोविंद हरी भजो रे भैया राम गोविंद हरी।। जप तप साधन नहिं कछु लागत, खरचत नहिं गठरी।। संतत संपत सुख के कारन, जासे भूल परी।। कहत कबीर राम नहीं...

वामन देव

महर्षि कश्यप की पहली पत्नी अदिति से उत्पन्न हुए पुत्रों को आदित्य कहा जाता है, ये बारह हैं। इंद्र (देवताओं के राजा), विवस्वान् (सूर्य देव), पर्जन्य (मेघों के नियंत्रक), त्वष्टा (सूर्य को...

संत रैदास

रविदास अथवा रैदास मध्यकालीन भारत के महान संत थे। इन्हें सतगुरु अथवा जगतगुरु की उपाधि दी जाती है। इन्होने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की और इनके रचे गये कुछ भजन...

राय कृष्णदास

लेखक, गीतकार, कहानीकार, चित्रकार, मूर्तिकार, पुरातत्वविद् आदि विषयों में महारथ हासिल करने वाले कृष्णदास जी ‘ललित कला अकादमी' के भी सदस्य थे, परंतु उनका विशेष योगदान हिन्दी के प्रति रहा। उन्होंने इसमें...

महेन्द्रनाथ गुप्त

श्रीरामकृष्ण परमहंस के शिष्य एवं परमहंस योगानंद के गुरु श्रीमान 'एम' तथा 'मास्टर महाशय' के नाम से प्रसिद्ध महेन्द्रनाथ गुप्त का जन्म १२ मार्च, १८५४ को कोलकाता (कलकत्ता) में हुआ था। परिचय... महेंद्रनाथ गुप्ता...

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नेल पॉलिश

कोरोना संक्रमण काल के मध्य अथवा यूं कहें तो लॉकडाउन के बाद फिल्म शूटिंग के लिहाज से यह साल यानी 2020 बहुत ज्यादा अच्छा...

नरक चतुर्दशी

दीपावली के ठीक एक दिन पूर्व एवम धनतेरस के दूसरे दिन को नरक चतुर्दशी पड़ता है। जिसे छोटी दीवाली, रूप चौदस और काली चतुर्दशी...

दीपावली

असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥ अर्थात्... असत्य से सत्य की ओर। अंधकार से प्रकाश की ओर।मृत्यु से अमरता की ओर।(हमें...

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काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...

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काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...