पुस्तक : मेरे सपनों की सरकार
(५५ माह बनाम ५५ साल)
लेखक : डॉ स्वामीनाथ तिवारी
(MLA, ब्रह्मपुर : १९९०)
सपनों का अतीत से गहरा रिश्ता होता है। मनोविज्ञान के जानकार लोग ऐसा दावा भी करते हैं। डॉ स्वामीनाथ तिवारी जी की पुस्तक ‘मेरे सपनों की सरकार’ को मैंने एक छात्र के तौर पर पढ़ा।पुस्तक तो वर्तमान सरकार और समय पर आधारित है लेकीन इतिहास से निरंतर संवाद कायम रखने में डॉ साब तत्पर हैं।
पुस्तक के सभी अध्याय वर्तमान को स्पष्ट करने के लिए इतिहास से एक लकीर खींचते चले आ रहे हैं। हाँ! इसे कुछ लोग गड़े मुर्दे उखाड़ना कह सकते हैं। लेकिन मेरी नजर में इसे स्वयं से स्वयं का परिचय कराना भी हो सकता है।
अश्विनी राय ‘अरूण’
धन्यवाद !