हरा भारत हरा गाँव
एवं
पौराणिक कथाओं से हरियाली की ओर…तुलसी विवाह कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में एकादशी के दिन किया जाता है। इसे देवउठनी या देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। यह एक श्रेष्ठ मांगलिक और आध्यात्मिक पर्व है। मान्यताओ के अनुसार इस तिथि पर भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ तुलसी जी का विवाह होता है, क्योंकि इस दिन भगवान नारायण चार माह की निद्रा के बाद जागते हैं। भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय हैं। नारायण जब जागते हैं, तो सबसे पहली प्रार्थना हरिवल्लभा तुलसी की सुनते हैं। इसीलिए तुलसी विवाह को देव जागरण का पवित्र मुहूर्त माना जाता है।तुलसी विवाह के लिए कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी का दिन शुभ है। इस दिन भगवान शालिग्राम के साथ तुलसी जी का विवाह उत्सव मनाया जाता है। जिस घर में बेटियां नहीं हैं, वह दंपत्ति तुलसी विवाह करके कन्यादान का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। विवाह आयोजन बिल्कुल वैसा ही होता है, जैसे हिन्दू रीति-रिवाज से सामान्य वर-वधु का विवाह किया जाता है।

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