कुंवर विजय सिनेमा हॉल: पुरानी शान और अस्तित्व विहीन मलबा गांव से बक्सर आते...
अश्विनी राय अरुण
कविता का विषय: आंतरिक शांति की तलाश, सुकून का विरोधाभास, विवाह बनाम अकेलापन। ...
ऊपर सीधी लकड़ी काटि लें, टेढ़ी काटैं नाहिं: जीवन के टेढ़े-मेढ़े रास्ते एक...
🛑 वाराणसी कैंट पर एक गुमशुदा पिता: अपने बेटों से परेशान होकर एक महोदय...
अपने मुंह में, तुझे धर लेगा। अजगर की तरह, जकड़ लेगा। अगर विश्वास...
🤔खोए हुए अस्तित्व की तलाश: डायरी और कविताएं सुनती हो! हाँ बोलिए! बड़ी जल्दी...