कर्णघण्टा सरोवर काशी नगरी अंतर्गत नीचीबाग से बुलानाला जाने वाले मार्ग में स्थित है।
परिचय…
इस समय यह सरोवर विलुप्त होने की कगार पर है। सरोवर पर गुरु पूर्णिमा के दिन यहां स्थित शिवलिंग और महर्षि वेदव्यास की मूर्ति की पूजा की जाती है। पूरे वर्ष ये मूर्तियां कुण्ड के जल में डूबी रहती हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन नगर निगम पंप से सरोवर का पानी खाली कर देता है।
मान्यता…
कर्णघण्टा सरोवर पर ही तुलसीदास जी ने प्रथम हनुमान मंदिर बनाया था, जिसे कोढ़ियाबीर हनुमान के नाम से जाना जाता है।