मातृ कुण्ड, देवाधि देव महादेव के त्रिशूल पर अवस्थित अति प्राचीन नगरी काशी के लल्लापुरा में पितृकुण्ड के पहले किसी जमाने में स्थित था।
विडंबना…
विडंबना यह की इस कुण्ड को क्षेत्रीय लोगों ने अपने घर का कूड़ा कचरा डालकर धीरे-धीरे पाट दिया। किंतु बाद में किन्हीं विशेष कारणों से जब इस कुण्ड की खुदाई की गई तो, यहां मातृ देवी की मूर्ति मिली, जिसे कुण्ड के ऊपर मंदिर बनवाकर स्थापित कर दिया गया।
पूजा अर्चना…
पूर्व काल में तीर्थ यात्री यहां आकर मातृ देवी का पूजन-अर्चन किया करते थे तत्पश्चात् तर्पण करते थे। आज के समय में कुण्ड तो नहीं है, मगर उस स्थल को बचाये रखने के लिए यहां हर वर्ष रामलीला का आयोजन किया जाता है।