मेरे मित्र

सोचा बड़े दिन हो गए…
सबसे मिले हुए

अतः अथवा अंततः

निकल पड़े मिलने को, कहीं दूर नहीं जाना था मगर उलझने थीं सो मिलन की प्यास बनी रही। पहले तो मित्रों से मिलते समय किसी भी तरह की कोई औपचारिकता नहीं निभानी पड़ती थी मगर आज के सभ्य समाज को यह कतई मंजूर नहीं की कोई औपचारिक व्यवहार ना करे, भले वो खुद ? ? ? आज मित्र पद और पैसे के आधार पर मित्रों से संबन्ध जो रखने लगे हैं।

इसीलिए हमने भी अपनी ओर से कोशिश की है, औपचारिकताओ के साथ मिलने की। चलिए आप भी मिल लीजिए उनसे शायद वो आप के जीवन में कभी काम आ ही जावें। यह भी हो सकता है उनमे कुछ आपके भी मित्र हो सकते हैं।

श्री सतेन्द्रनाथ मजूमदार, अतुल मोहन प्रसाद, चेतन भगत,  गिरिराज किशोर, फणीश्वरनाथ रेणू, अगाथा क्रिस्टी, महात्मा गाँधी, गोपाल गोडसे, धर्मवीर भारती, रघुवीर सिंह, शिवकुमार गोयल, आचार्य महाप्रयग, तसलीमा नसरीन, प्रो श्यामनन्दना शास्त्री, शेक्सपीयर, सुमित्रानंदन पंत, सुशीला नैयर, कुमारी निवेदिता, रांगेय राघव, मक्सीम गोर्की, महर्षि पतञ्जलि, स्वामी अपूर्वानन्द, महात्मा विदुर, स्वेट मार्डन, स्वामी विवेकानंद, स्वामी शारदानन्द, पुरूषोत्तम नागेश ओक, मोहन लाल भास्कर, डॉ हेडगेवार, अशोक के बैंकर, देवकीनंदन खत्री, स्वामी गोकूलानन्दन, जयशंकर प्रसाद, गणेश श्रीकृष्ण खापडे, एस. भट्टाचार्य, प्रेमचंद, देवदत्त शास्त्री, डॉ सुभाष कश्यप, शिव बहादुर पाण्डे ‘प्रीतम’, रवींद्रनाथ टैगोर, आत्मदेव शशिभूषणम, तौलेसतौय, डॉ गिरिराजशरण अग्रवाल, डॉ एच.एन. राय, स्वामी अभेद्यनन्द, सत्यवीर शास्त्री, डॉ आंबेडकर, शरतचंद्र, जगदीश नलिन, ओशो, सेर्गेयई अलेक्सेव, कुमार पंकज, जंगबहादुर राजपुरीया, अजीत सिंह राठौर, सपना शिवानी केकरे, प्रभन्जन भारद्वाज, डॉ मनीषा यादव, नरेन्द्र कोहली, फ्यौदौर दोश्तोयेवन्स्कि, आर.के. प्रभु, गोस्वामी तुलसीदास, जी महर्षि वाल्मीकि जी, महर्षि वेदव्यास जी, सुभद्रा कुमारी चौहान, कालिदास जी, रामधारी सिंह दिनकर, मौलाना बहिदुदिन खान, यू.आर. राव।

इनके अलावा भी कुछ और मित्र हैं मगर कुछ खफा हैं और कुछ यह पत्र पढ़ रहे हैं।

और मैं भी तो हूँ…
आपका अश्विनी राय ‘अरुण’

धन्यवाद !

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

Similar Articles

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisment

Instagram

Most Popular

मणिकर्णिका घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...

पंचगंगा घाट

काशी की बसावट के लिहाज से शहर के उत्तरी छोर से गंगा की विपरीत धारा की ओर चलें तो आदिकेशव घाट व राजघाट के...

आदिकेशव घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...