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राजा हरिश्चन्द्र फिल्म » shoot2pen

राजा हरिश्चन्द्र फिल्म

चन्द्र टरै सूरज टरै,
टरै जगत व्यवहार।
पै दृढ श्री हरिश्चन्द्र का,
टरै न सत्य विचार॥

सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र ने सत्य के मार्ग पर चलने के लिये अपनी पत्नी और पुत्र के साथ स्वयं को भी बेच दिया था। उनकी पत्नी का नाम महारानी तारा एवं पुत्र का नाम रोहित था। राजा ने अपने दानी स्वभाव के कारण महर्षि विश्वामित्र जी को अपने सम्पूर्ण राज्य दान कर दिया था, परंतु दान के बाद की दक्षिणा के लिये साठ भर सोने में स्वयं तीनो प्राणी बिके गए मगर अपनी मर्यादा एवं रीति को भंग नहीं होने दिया।

अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर, आज ही के दिन यानी ३ मई, १९१३ को सत्यवादी राजा हरिश्चन्द्र पर आधारित भारत की पहली फिल्म बनी थी। यह मूक फ़िल्म थी।इसके निर्माता निर्देशक दादासाहब फालके थे और यह भारतीय सिनेमा की प्रथम पूर्ण लम्बाई की नाटयरूपक फ़िल्म थी। फ़िल्म मूक है परंतु इसमें दृश्यों को समझने के लिए भीतर अंग्रेज़ी और हिन्दी में कथन लिखकर समझाया गया है। फ़िल्म में अभिनय करने वाले सभी कलाकार मराठी थे अतः फ़िल्म को मराठी फ़िल्मों की श्रेणी में भी रखा जाता है। फ़िल्म की शुरुआत राजा रवि वर्मा द्वारा राजा हरिश्चन्द्र, उनकी पत्नी और पुत्र की बनाये गये चित्रों की प्रतिलिपियों की झांकी से आरम्भ होती है। इसमे कार्य करने वाले कलाकार निम्नवत थे…

दत्तात्रय दामोदर दबके (राजा हरिश्चन्द्र)
अन्ना सालुंके (राजा हरिश्चन्द्र की पत्नी तारामति)
बालाचन्द्र डी॰ फालके (हरिश्चन्द्र का पुत्र रोहिताश)
जी. व्ही. साने (महर्षि विश्वामित्र)
डी. डी. दाबके, पी. जी. साने, अण्णा साळुंके, भालचंद्र फाळके, दत्तात्रेय क्षीरसागर, दत्तात्रेय तेलंग, गणपत शिंदे, विष्णू हरी औंधकर, नाथ तेलंग आदि।

निर्देशक, निर्माता, पटकथा :- दादासाहब फालके

कहानी :- रणछोड़बाई उदयराम
प्रदर्शन तिथि :- ३ मई, १९१३
समय सीमा :- ४० मिनट

इस मूक फ़िल्म भारतीय फिल्म उद्योग के इतिहास की पहली फिल्म थी, जिसने ऐतिहासिक नींव स्थापित की।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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