अंतस के आरेख
दिनाँक : ९/१२/१९
विषय : बचपन
चलिए चलते हैं बचपन के किस्से में,
बड़े बड़े दर्द के उस छोटे से हिस्से में,
खेला करते थे हम क्रिकेट चंदे के पैसे में।
किसी के हिस्से ओपनिंग आई थी,
तो किसी के हिस्से कीपिंग आई थी।
जिसने दिया था ज्यादा हिस्सा,
उसके हिस्से में कैप्टेनसी आई थी।
कोई बॉल लिए खड़ा था,
रनअप के लिए कोई अड़ा था।
हाय ! मै मोहल्ले की टीम में
सबसे छोटा था,
मेरे हिस्से में कॉमन फील्डिंग
और नाली की गेंद आई थी।
जनाब आप ही फैसला करें,
क्या ? ये दर्द बाकियों से छोटा था।
जब मैं छोटा था॥
अश्विनी राय ‘अरूण’
