मैंने कुछ दिनो से यही देखा है, किसी के मरने पर बस…

RIP अरे भाई इसका मतलब मालूम भी है, या बस बहते जा रहे हो।

Requiescat in pace, ” मृत आत्मा को शांति में विश्राम के लिए की जाने वाली प्रार्थना” जो वास्तव मे लैटिन भाषा है। आज रिप क़ा मतलब अंग्रेजी भाषा मे Rest in peace हो गया। जिसका मतलब हिंदी मे “शांति से आराम करें”

यह हुआ RIP पर सरसरी नजर।
अब हम आगे देखते हैं…

‘रिप’ ईसाई और इस्लामिक पौराणिक कथाओं से आया है जहां मृत्यु के बाद आत्मा अंतिम समय तक, जिसे इस्लाम में कयामत और इसाई धर्म में जीसस का पुनर्आगमन कहा गया है, शुद्धिकरण के लिए इंतजार करती है, और तब जो आस्थावान होते हैं वे स्वर्ग में जाते हैं।

हिन्दु, बौद्ध, जैन, पुनर्जन्म में विश्वास करते हैं। वहां विश्राम करने या ‘रिप’ की कोई संकल्पना नहीं है। आत्मा हमेशा एक यात्रा पर रहती है, वह जन्म और पुनर्जन्म के फेर में उलझी रहती है और यह क्रम तब तक चलता रहता है जब तक कि इन्हें ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो जाती और फिर आत्मा जन्म मरण के फेर से मुक्त हो जाती है।

मरने के बाद शरीर का दाह संस्कार और अस्थियों का विसर्जन हिन्दुओं को इस बात की स्मृति दिलाता है कि शरीर का कोई अर्थ नहीं है। ईसाई और इस्लाम के संस्कृतियों में जहां एक बार ही जन्म की मान्यता है वहां शव को संलेपन करके, ताबूत में ईश्वर की दिशा में मुंह करके रखा जाता है ताकि वह शांति से समय बिता सके।

यहां अपनी अपनी मान्यताओं क़ा आधार है…

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