आग़ा हश्र कश्मीरी का जन्म वर्ष १८७९ ई. कश्मीर के खूबसूरत वादियों में हुआ था, मगर वे वाराणसी आने के पश्चात वाराणसी के होकर रह गए। वे प्रसिद्ध उर्दू-साहित्यकार थे।
आग़ा हश्र कश्मीरी पारसी नाटक कम्पनियों के युग के प्रसिद्ध नाटककार थे।। जैसा की ऊपर कहा गया है मूलतः आग़ा हश्र कश्मीरी उर्दू-साहित्यकार थे परंतु हिन्दी में ‘सीता-बनवास’, ‘भीष्म-प्रतिज्ञा’ ‘श्रवणकुमार’ इत्यादि नाटक भी उन्होंने लिखे जिनमें हिन्दू धर्म-संस्कृति का चित्रण है।
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