गाँधी जयंती पर विशेष

गाँधी जयंती पर विशेष,
नायक अथवा खलनायक…

१५० सालों में कई सरकार दिल्ली में बनीं और बिगड़ी। शुरू के कुछ साल यूं ही निकल गए बापू बनने में, और जब बापू बने तो किसी भी संगठन ने उंगली नहीं उठाया। बड़े बड़े विद्वानों ने उन्हें जायज भी ठहराया। पूरे विश्व ने जिन्हें महात्मा कह के पुकारा इस पर भी विद्वानो में कहीं कोई विवाद नहीं रहा। अस्सी के दशक तक गाँधी सर्व सम्मति और जनसमर्थन की आस्था से राष्ट्रपिता बने रहे। वैसे अभी भी वे राष्ट्रपिता हैं, मगर उस गद्दी का अब एक नया वारिस प्रगट हो चुका है और उसकी भी अपनी एक अलग फैन फालोविंग जमा होने लगी है।

छोड़िए उस बात को, मुद्दे पर आते हैं…

अस्सी से नब्बे के दौर में और छुपी छुपाई जबान में उस महात्मा पर कीचड़ उछालने को लेकर कादा इकठ्ठा किए जाने लगे, और फिर नब्बे के दशक में उछाले जाने लगे और बुराईयों की कहानियां बनाई जाने लगी।

अब आया साल दो हजार का जहाँ जन समर्थन दो भागों में बट गया और गाँधी एक पक्ष के लिए नायक तो दूसरे का खलनायक बन गए।

उसका अगला दशक सत्ता परिवर्तन का था…

दो हजार दस के बाद तो गाँधी को मानने वाले सीधे सीधे देश द्रोही कहे जाने लगे और उसकी पूरी पीढ़ी (पुरानी और नई) देश द्रोह के कुम्भीपाक पाप से लिप्त मान लिए गए।

और अंत में…

सत्ता परिवर्तन के पश्चात, सत्ताधारी ने पूरी जनमानस के विश्वास को पाने के लिए, इस बार स्वंय ही गाँधी को पटेल की भांति बेचने का बाजार लगा दिया। और लगे उसके सेल्समैन अब उस गाँधी को बेचने जिसको वो सदा जनता के सम्मुख कालकुट जहर बताते आ रहे थे।

गाँधी ले लो गाँधी !

अश्वनी राय ‘अरूण’
धन्यवाद !

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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