बड़ी चाह थी कि जिंदगी लहरा कर चलती रहे, मगर हादसे ऐसे हुए...
जिंदगी
॥ यूं ही जिंदगी हाथों से ॥ ॥ फिसलती जा रही है, ॥ ॥...
जिंदगी के टेढ़े-मेढ़े राहों से, एक शाम गुजरती है। उस शाम से सुबहा के...