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साहित्य, संस्कृति और सेवा के अनन्य साधक: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’

 

हिंदी और भोजपुरी साहित्य के समकालीन परिदृश्य में विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपनी लेखनी और सक्रियता से समाज को एक नई दिशा दी है। एक लेखक, शोधकर्ता और संगठनकर्ता के रूप में आपकी सेवाएँ भारतीय संस्कृति और भाषा के प्रति आपके गहरे अनुराग को प्रकट करती हैं।

 

व्यक्तिगत परिचय एवं पृष्ठभूमि

अश्विनी राय ‘अरुण’ का जन्म बिहार की ऐतिहासिक धरती बक्सर (ग्राम- मांगोडेहरी, डाक- खीरी) में हुआ। माटी से जुड़े रहकर आपने न केवल साहित्य सृजन किया, बल्कि विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं में उत्तरदायी पदों पर रहकर भाषा की सेवा भी की। वर्तमान में आप बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर के अर्थमंत्री और अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बक्सर के महामंत्री के रूप में सक्रिय हैं। साथ ही, आप भोजपुरी विकास न्यास के न्यासी सह राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं।

 

विशाल रचना संसार और प्रकाशित कृतियाँ

अश्विनी जी की लेखनी में विविधता और गहराई का अद्भुत संगम है। आपकी प्रकाशित और प्रकाश्य कृतियों की सूची आपकी बौद्धिक क्षमता का प्रमाण है:

एकल प्रकाशित पुस्तक: बिहार – एक आईने की नजर से (एक महत्वपूर्ण शोधपरक कार्य)।

प्रकाशित साझा संग्रह (Selected): आपने २० से अधिक साझा संग्रहों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिनमें प्रमुख हैं— नाथ परंपरा का साहित्य पर प्रभाव, पूर्वोत्तर का लोककथा साहित्य, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, रामकथा के विविध परिप्रेक्ष्य, गंगा गीत माला (भोजपुरी), और पेनिंग थॉट्स।

पत्र-पत्रिकाएँ: आपकी रचनाएँ अभ्युदय, जनहित परिवार, साहित्य परिक्रमा, और अखण्ड भारत जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं।

प्रकाश्य कृतियाँ (शीघ्र आने वाली): ये उन दिनों की बात है, आर्यन, जीवननामा, दक्षिण भारत की यात्रा, आपातकाल, महाभारत, और बक्सर – एक आईने की नजर से जैसी महत्वपूर्ण पुस्तकें प्रकाशन की राह पर हैं।

 

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान (२०२२ तक)

साहित्य और भाषा के प्रति आपके निस्वार्थ समर्पण के लिए आपको विभिन्न गौरवशाली पुरस्कारों से नवाजा गया है:

स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सी अवार्ड (२०१९): खेल एवं युवा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया।

विद्यावाचस्पति सम्मान (२०२१): विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ द्वारा आपकी विद्वत्ता के लिए सर्वोच्च सम्मान।

100 Inspiring Authors of India: वर्ष २०१८ में ‘The Indian Awaz’ द्वारा देश के १०० प्रेरणादायक लेखकों में स्थान।

हिंदी सारथी सम्मान (२०१९): हिन्दी के विकास के लिए ‘Literoma Publishing Services’ द्वारा प्रदान किया गया।

‘अरुण’ की उपाधि (२०१९): भोजपुरी विकास न्यास द्वारा आपकी प्रतिभा को देखते हुए इस विशेष उपाधि से अलंकृत किया गया।

विश्व साहित्योत्सव सम्मान (२०१८): मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सम्मान।

अमृत महोत्सव साहित्य सम्मान (२०२१): डी.डी. भारती द्वारा प्रदान किया गया।

राम रत्न अलंकरण (२०२२): प्रेम प्रकाशन, दुर्ग द्वारा सम्मानित।

स्मृति चिन्ह (अयोध्या): उत्तर प्रदेश सरकार के अयोध्या शोध संस्थान द्वारा २०१९ में विशेष सम्मान।

 

साहित्यिक दर्शन और जुड़ाव

अश्विनी राय ‘अरुण’ केवल शब्दों के शिल्पी नहीं हैं, बल्कि वे ‘साहित्य सम्मेलन’ यूट्यूब चैनल के माध्यम से संस्कृति के प्रहरी भी हैं। साढ़े बारह सौ से अधिक रचनाओं के रचयिता अश्विनी जी का मानना है कि साहित्य वही है जो जनहित में हो। ‘रामतत्व’ और ‘कृष्णत्व’ जैसे गहन विषयों से लेकर ‘महा-आदित्य’ जैसी विज्ञान कथाओं तक, उनकी दृष्टि सर्वव्यापी है।

 

संपर्क सूत्र:

ईमेल: ashwinirai1980@gmail.com

आधिकारिक वेबसाइट: https://shoot2pen.in/

यूट्यूब: https://youtube.com/@sahityasammelanbxr

 

 

 

 

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