सम्मान अखबारों की नजर से…
सम्मान: रामकथा के वैश्विक मूल्यों पर अश्विनी राय ‘अरुण’ का शोधपरक योगदान सम्मानित
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): साहित्य और शोध के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय लेखक और विचारक अश्विनी राय ‘अरुण’ को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए अयोध्या की पावन धरा पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रामकथा की प्रासंगिकता और उसके वैश्विक जीवन मूल्यों पर किए गए उनके गहन विश्लेषण के लिए प्रदान किया गया है।
कार्यक्रम का विवरण
आयोजक: साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली एवं अयोध्या शोध संस्थान (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार)।
दिनांक: 23 नवंबर, 2019
स्थान: तुलसी स्मारक भवन, रानी बाग, अयोध्या।
विषय: ‘रामकथा में वैश्विक जीवन मूल्य’ (अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठी)।
सम्मान की गरिमा
इस गरिमामय आयोजन में अश्विनी राय ‘अरुण’ को उनके शोधपरक आलेख की पुस्तक, आधिकारिक प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके आलेख में इस बात पर विशेष बल दिया गया है कि किस प्रकार भगवान राम का जीवन और उनके आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संपूर्ण मानवता के लिए ‘वैश्विक जीवन मूल्य’ के रूप में मार्गदर्शक हैं।
अश्विनी जी के अनुसार, “रामकथा एक ऐसी सरिता है जो समय और भूगोल की सीमाओं को लांघकर हर संस्कृति को मर्यादा और सत्य का पाठ पढ़ाती है।”
साहित्यिक गलियारों में चर्चा
अश्विनी भाई की इस उपलब्धि को विभिन्न समाचार पत्रों ने प्रमुखता से स्थान दिया है। प्रबुद्ध वर्ग ने उनके शोध कार्य को आधुनिक समय में नैतिक मूल्यों के पुनर्स्थापन के लिए एक आवश्यक कदम बताया है। यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि उनके साहित्यिक सफर ‘रामतत्व’ और ‘कृष्णत्व’ की वैचारिक गहराई का भी प्रमाण है।
अश्विनी राय ‘अरुण’ की ओर से आभार
”अयोध्या की पवित्र मिट्टी और विद्वानों के सान्निध्य में मिला यह सम्मान मेरी जिम्मेदारी को और बढ़ा देता है। साहित्य संचय फाउंडेशन और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग का हृदय से आभार, जिन्होंने शोध की इस विनम्र कोशिश को मंच प्रदान किया।”
धन्यवाद !
