एक विजेता, लेकिन दो चैंपियन टीमें…

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी न्यूज़ीलैंड टीम ने आठ विकेट के नुक़सान पर 241 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड ने भी पूरे 50 ओवरों में 241 रन ही बनाए।

मैच बराबर!

इसके बाद मैच सुपर ओवर में चला गया जहाँ दोनों टीमों को एक एक ओवर मिले और उसमें भी दोनों टीमों के स्कोर बराबर हो गए।

यानी अब पूरा खेल बराबर…

मगर ज़्यादा बाउंड्री लगाने के कारण कप इंग्लैंड की झोली में चला गया। आईसीसी का यह बेतुका नियम है। क्या यह मैच टाई नहीं होना चाहिए था ? ? ? ?

मैं अश्विनी राय ‘अरुण’ दोनों टीमों को बधाई दूंगा जिन्होंने बेहतरीन फ़ाइनल खेला दोनों और दोनों विजेता हैं, मगर जहाँ नियम ने इंग्लैंड को कप जिताया वही न्यूजीलैंड ने दिल जीत लिया। भारत में न्यूज़ीलैंड के कई प्रशंसक हैं, आज उन्होंने अपनी खेल भावना से और भी कई प्रशंसक बना लिए।

धन्यवाद !

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