रहस्य और जासूसी साहित्य की अमर साम्राज्ञी: अगाथा क्रिस्टी और उनका तिलिस्मी संसार
लेखक: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’
प्रस्तावना: ‘क्वीन ऑफ क्राइम’ का जादुई संसार
जब भी विश्व साहित्य में रहस्य, सस्पेंस और ‘मर्डर मिस्ट्री’ की बात आती है, तो एक नाम सबसे ऊपर चमकता है—अगाथा क्रिस्टी। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, वे इतिहास की सबसे ज़्यादा बिकने वाली कथाकार हैं। उनके उपन्यासों की अरबों प्रतियाँ बिक चुकी हैं और उनके लिखे नाटक ‘द माउस्ट्रैप’ के नाम दुनिया में सबसे लंबे समय तक चलने वाले नाटक का कीर्तिमान है। अगाथा क्रिस्टी ने जासूसी उपन्यासों को महज़ अपराध की कहानी से ऊपर उठाकर इंसानी मनोविज्ञान और बुद्धि-कौशल का एक अनूठा खेल बना दिया। सिनेमा जगत तो उनका ऐसा मुरीद हुआ कि उनके उपन्यासों पर ‘मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस’ से लेकर ‘डेथ ऑन द नाइल’ तक, हर दौर में कालजयी फिल्में बनती रहीं।
जीवन परिचय और लेखन की शुरुआत
अगाथा क्रिस्टी का जन्म १५ सितंबर, १८९० को इंग्लैंड के डेवोन में हुआ था। बचपन से ही वे कल्पनाशील थीं और उन्हें कहानियाँ पढ़ने का बेहद शौक था।
प्रथम विश्व युद्ध का प्रभाव: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने एक अस्पताल में डिस्पेंसरी (औषधालय) में नर्स के रूप में काम किया। यहीं पर उन्होंने तरह-तरह के रसायनों और ज़हरों (Poisons) के बारे में गहरी और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। यही कारण है कि उनके उपन्यासों में हत्या के लिए ‘ज़हर’ का इस्तेमाल सबसे सटीक और वैज्ञानिक तरीके से किया गया है।
पहला उपन्यास: सन १९२० में उनका पहला जासूसी उपन्यास ‘द मिस्टीरियस अफेयर एट स्टाइल्स’ प्रकाशित हुआ। इसी उपन्यास के साथ दुनिया के सामने अवतरित हुआ एक ऐसा जासूस, जो आगे चलकर अमर होने वाला था—हरक्यूल पोइरोट।
दो अमर जासूस: हरक्यूल पोइरोट और मिस मार्पल
अगाथा क्रिस्टी ने जासूसी साहित्य को दो ऐसे अद्भुत और पूरी तरह से अलग चरित्र दिए, जो आज भी हर पाठक के दिल में बसते हैं:
क) हरक्यूल पोइरोट (Hercule Poirot) – ‘द लिटिल ग्रे सेल्स’ का जादू
पोइरोट बेल्जियम के एक पूर्व पुलिस अधिकारी हैं, जो अपनी शानदार मूँछों, सलीकेदार कपड़ों और अपनी दिमागी कोशिकाओं (‘Little Grey Cells’) के इस्तेमाल के लिए जाने जाते हैं। वे शारीरिक भाग-दौड़ के बजाय आराम से बैठकर, लोगों के मनोविज्ञान को समझकर और कड़ियों को जोड़कर केस सुलझाते हैं।
प्रमुख कृतियाँ: ‘मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस’, ‘डेथ ऑन द नाइल’ और ‘अ हॉन्टिंग इन वेनिस’ (जो ‘हॉलोवीन पार्टी’ उपन्यास पर आधारित है)।
ख) मिस जेन मार्पल (Miss Marple) – तीखी नजर वाली बुजुर्ग महिला
पोइरोट के विपरीत, मिस मार्पल सेंट मैरी मीड नामक एक छोटे से शांत गाँव में रहने वाली एक बुजुर्ग, अविवाहित महिला हैं। वे ऊन बुनते-बुनते और बगीचे की देखभाल करते हुए इंसानी फितरत का ऐसा सटीक विश्लेषण करती हैं कि बड़े-बड़े अपराधी घुटने टेक देते हैं। उनका मानना है कि छोटे गाँव के लोगों की प्रवृत्तियाँ ही पूरी दुनिया के अपराधियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
प्रमुख कृतियाँ: ‘मर्डर, शी सैड’, ‘द मिरर क्रैक्ड’।
अगाथा क्रिस्टी की लेखनी का दूसरा पहलू: शातिर लुटेरे और चोरों की शृंखला
अगाथा क्रिस्टी केवल कत्ल की गुत्थियाँ ही नहीं सुलझाती थीं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय चोरों, लुटेरों और ठगों पर भी उपन्यासों और कहानियों की एक पूरी शृंखला लिखी है, जिन पर आगे चलकर बेहद रोमांचक फिल्में और टीवी सीरीज बनीं।
पार्कर पायने (Parker Pyne) – ठगों का उस्ताद: अगाथा ने ‘पार्कर पायने इन्वेस्टिगेट्स’ नामक कहानियों की शृंखला लिखी। पार्कर पायने कोई पारंपरिक जासूस नहीं था, बल्कि वह अखबारों में विज्ञापन देता था—”क्या आप खुश हैं? यदि नहीं, तो पार्कर पायने से मिलें।” वह उन लोगों की मदद करता था जो किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय लुटेरे, जालसाज या गहने चुराने वाले गिरोह का शिकार हुए हों। इस शृंखला में मिस्र और इराक के बैकड्रॉप पर चोरों और हीरों की लूट की कई कहानियाँ हैं।
टॉमी और टुपेंस (Tommy and Tuppence) – लुटेरों का शिकार करने वाली जोड़ी: अगाथा क्रिस्टी ने पाँच उपन्यासों की एक ऐसी सीरीज लिखी जिसमें यह जासूस जोड़ा पुलिस की नजरों से बचकर भागने वाले अंतरराष्ट्रीय लुटेरों, देशद्रोहियों और बैंक डकैतों को पकड़ता है। इनके उपन्यास ‘द सीक्रेट एड Adversary’ और ‘पार्टनर्स इन क्राइम’ पर बेहतरीन फिल्में और टीवी सीरियल्स बन चुके हैं, जिनमें चोर-पुलिस का जबरदस्त चूहे-बिल्ली वाला खेल दिखाया गया है।
द मैन इन द ब्राउन सूट (The Man in the Brown Suit): यह अगाथा क्रिस्टी का एक ऐसा उपन्यास है जो पूरी तरह से एक बेहद शातिर, रहस्यमयी अंतरराष्ट्रीय लुटेरे और ‘मास्टरमाइंड’ चोर के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे केवल ‘द कर्नल’ के नाम से जाना जाता है। वह दुनिया भर के कीमती हीरे चुराता है। इस थ्रिलर उपन्यास पर १९८९ में एक बहुत प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्म बनी थी, जिसमें सस्पेंस और चोरी की कड़ियों को कमाल के ढंग से दिखाया गया है।
बिना जासूस वाले बेमिसाल सस्पेंस थ्रिलर
अगाथा क्रिस्टी की कुछ ऐसी ‘स्टैंड-अलोन’ (Stand-alone) कहानियाँ भी हैं जिनमें कोई तय जासूस नहीं होता, बल्कि आम लोग ही परिस्थितियों और शक के घेरे में फँस जाते हैं:
एंड देन देयर वर नन (And Then There Were None): यह दुनिया का सबसे बेहतरीन सस्पेंस थ्रिलर माना जाता है। एक सुनसान टापू पर १० अजनबी बुलाए जाते हैं और एक पुरानी बाल-कविता के अनुसार एक-एक करके सब मारे जाते हैं। इसी मास्टरपीस से प्रेरित होकर बॉलीवुड में प्रसिद्ध फिल्म ‘गुमनाम’ बनी थी।
विटनेस फॉर द प्रोसिक्यूशन (Witness for the Prosecution): यह एक कल्ट कोर्टरूम ड्रामा है, जिसका अंत (Climax) किसी के भी होश उड़ा देने के लिए काफी है।
उपसंहार: सिनेमा से साहित्यायन का नया सफर
सिनेमा के परदे पर केनेथ ब्रानघ की आधुनिक फिल्मों (जैसे ‘डेथ ऑन द नाइल’ या ‘अ हॉन्टिंग इन वेनिस’) को देखने के बाद जब आप अगाथा क्रिस्टी के इन मूल उपन्यासों को पढ़ेंगे, तो आपको समझ आएगा कि क्यों उन्हें ‘क्वीन ऑफ क्राइम’ कहा जाता है। उनकी भाषा इतनी दृश्य-प्रधान होती है कि पढ़ते समय पाठक स्वयं उस कालखंड में पहुँच जाता है। चोरों, लुटेरों और जासूसों का यह संगम उनके साहित्य को अमर बनाता है।