भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे हैं जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। इन्हीं में से एक हैं सुनील लाहिरी, जिन्होंने रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम के छोटे भाई ‘लक्ष्मण’ की भूमिका को जीवंत किया। आज भी जब लोग लक्ष्मण का नाम लेते हैं, तो सुनील लाहिरी का वह तेजस्वी और क्रोधित चेहरा आँखों के सामने आ जाता है।
१. शुरुआती संघर्ष और फिल्मी डेब्यू
९ जनवरी, १९६१ को जन्मे सुनील लाहिरी ने बड़े पर्दे पर अपना नाम बनाने का सपना देखा था।
डेब्यू फिल्म: उन्होंने साल १९८० में आई फिल्म ‘नक्सलाइट’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में वे दिग्गज अभिनेत्री स्मिता पाटिल के साथ नज़र आए थे।
फ्लॉप का दौर: सुनील लाहिरी ने ‘फिर आई बरसात’ (१९८५) सहित कुल ७ फिल्मों में काम किया। उन्होंने खुद को एक रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन बदकिस्मती से उनकी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं।
२. टीवी की दुनिया और किस्मत का पलटना
जब फिल्मी दुनिया में सुनील की जड़ें नहीं जम पाईं, तो उन्होंने छोटे पर्दे (TV) का रुख किया। यहाँ उनकी मुलाकात रामानंद सागर से हुई, जो उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
पहला सीरियल: टीवी पर उनकी शुरुआत रामानंद सागर के मशहूर शो ‘विक्रम और बेताल’ से हुई।
इतिहास रचना: १९८७ में जब ‘रामायण’ शुरू हुआ, तो सुनील लाहिरी को ‘लक्ष्मण’ के रूप में चुना गया। उनके अभिनय, डायलॉग डिलीवरी और चेहरे के हाव-भाव ने उन्हें युवाओं का चहेता बना दिया। लोग उन्हें सचमुच भगवान की तरह पूजने लगे थे।
३. ‘रामायण’ और सुनील लाहिरी की विरासत
रामायण के बाद सुनील लाहिरी ने कई अन्य टीवी शो जैसे ‘परम वीर चक्र’, ‘लव कुश’ और ‘सपनों की दुनिया’ में भी काम किया, लेकिन ‘लक्ष्मण’ वाली लोकप्रियता फिर कभी नहीं मिली।
दिलचस्प तथ्य: लॉकडाउन के दौरान जब ‘रामायण’ का पुनः प्रसारण हुआ, तो सुनील लाहिरी एक बार फिर नई पीढ़ी (Gen-Z) के बीच ‘इंटरनेट सेंसेशन’ बन गए। उनके ‘Angry Young Man’ वाले लक्ष्मण के किरदार को सोशल मीडिया पर काफी सराहा गया।