April 25, 2024

विवेकी राय हिन्दी और भोजपुरी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। उन्होंने ८५ से अधिक पुस्तकों की रचना की हैं। उनकी ललित निबंध, कथा साहित्य और कविता कर्म पर गहरी पकड़ थी। साथ ही उनकी रचनाएं गंवई मन और मिज़ाज़ से सम्पृक्त हैं। विवेकी राय की रचना कर्म नगरीय जीवन के ताप से तपाई हुई मनोभूमि पर ग्रामीण जीवन की की रस वर्षा के सामान है। उनकी लेखनी गाँव की माटी से निकली सोंधी महक के समान जान पड़ती है। उनके ललित निबन्ध को जब आप पढ़ेंगे तो आपको इसमें में आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी, विद्यानिवास मिश्र एवं कुबेरनाथ राय की झलक देखने को मिलेगी।

परिचय…

विवेकी राय का जन्म १९ नवंबर, वराह १९२४ को उत्तरप्रदेश के बलिया ज़िला अंतर्गत भरौली ग्राम में हुआ था, जिसके ठीक उस पार यानी गंगा पार बिहार का वो प्रसिद्ध बक्सर है जहां कभी महर्षि विश्वामित्र का सिद्धाश्रम हुआ करता था। जहां भगवान श्रीराम और भैया लखन ने ताडिका वध किया था।

विवेकी राय की प्रारम्भिक शिक्षा उनके पैतृक गाँव सोनवानी में हुआ था, जो उत्तरप्रदेश के गाजीपुर जिला अंतर्गत आता है। उन्होंने महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ, बनारस से पीएचडी की और फिर अपने पैतृक कार्य खेती-बाड़ी में जुट गए। कालांतर में उन्होंने अध्यापन कार्य भी किया।

साहित्यिक सफर…

विवेकी राय द्वारा लिखे निबंधों में मनबोध मास्टर की डायरी और फिर बैतलवा डाल पर सबसे चर्चित निबंध संकलन हैं और साथ ही सोनामाटी उपन्यास उनका सबसे लोकप्रिय उपन्यास है।

क. हिन्दी साहित्य

ललित निबंध..

१. मनबोध मास्टर की डायरी

२. गंवाई गंध गुलाब

३. फिर बैतलवा डाल पर

४. आस्था और चिंतन

५ जुलूस रुका है

६. उठ जाग मुसाफ़िर

कथा साहित्य…

१. मंगल भवन

२. नममी ग्रामम्

३. देहरी के पार

४. सर्कस

५. सोनमती

६. कलातीत

७. गूंगा जहाज

८. पुरुष पुरान

९. समर शेष है

१०. आम रास्ता नहीं है

११. आंगन के बंधनवार

१२ आस्था और चिंतन

१३. अतिथि

१४. बबूल

१५. जीवन अज्ञान का गणित है

१६. लौटकर देखना

१७. लोकरिन

१८. मेरे शुद्ध श्रद्धेय

१९. मेरी तेरह कहानियाँ

२० सवालों के सामने

२१. श्वेत पत्र

२२. ये जो है गायत्री

काव्य संकलन…

१. दीक्षा

अन्य साहित्य समालोचना…

१. कल्पना और हिन्दी साहित्य

२. नरेन्द्र कोहली अप्रतिम कथा यात्री

अन्य साहित्य…

१. मेरी श्रेष्ठ व्यंग्य रचनायें

ख. भोजपुरी साहित्य

निबंध एवं कविता…

१. भोजपुरी निबंध निकुंज: भोजपुरी के तैंतालिस चुने हुए निबन्ध

२. गंगा, यमुना, सरवस्ती: भोजपुरी कहानी, निबंध, संस्मरण

३. जनता के पोखरा: तीनि गो भोजपुरी कविता

४. विवेकी राय के व्याख्यान, ‘भोजपुरी कथा साहित्य का विकास’

उपन्यास…

१. अमंगलहारी

२. के कहेला चुनरी रंगा लिया

३. गुरु-गृह गयौ पढ़न रघुराय

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