1 min read कविता विद्यावाचस्पति अश्विनी राय "अरुण" खामोश शोर: वीआईपी संस्कृति और आम आदमी के संघर्ष पर एक गद्य-काव्य ashwinirai July 10, 2020 खामोश शोर वह टकटकी लगाए देखता रहा— कभी उस चमकती वीआईपी गाड़ी को, तो...और पढ़ें