कंगना राणावत के आजादी का सच

कंगना की बात पर पूर्णतः सहमत नहीं हूं, मगर उसने सच बोलने का साहस अवश्य दिखाया है। सहमत इसलिए हूं कि उसने १९४७ की आजादी के मायने को समझने की एक दिशा दी है और असहमत इसलिए हूं कि उन्होंने आजादी के नए वर्ष को प्रमाणित करने की कोशिश की है। जबकि सच्चाई कुछ और है, जिसे समझना होगा। हमसे बहुत कुछ छुपाया गया है उसे जनता के सम्मुख लाना होगा… हो सकता है इसमें हम पूरी तरह सफल ना हों, हो सकता है हम यहां सब कुछ लिख ना पाएं। मगर आप सहयोग बनाए रखिएगा…

इसके लिए चाहें तो आप संविधान का आर्टिकल १४७ अवश्य पढ सकते हैं, हो सके तो गूगल पर भी सर्च कर सकते हैं। भारत आज भी #राष्ट्रमंडल समूह का सदस्य है। भारत एक आजाद देश नहीं, बल्कि डोमिनियन देश है। भारत आज भी राष्ट्रमंडल यानी इंग्लैंड के गुलाम देशों का एक समूह है। जिसकी अध्यक्ष इंग्लैंड की महारानी हैं। और वे बिना वीजा के, किसी भी देश में आ जा सकती हैं।

इसको इस तरह से समझ सकते हैं…

एक स्वतंत्र देश, दूसरे देशों में राजदूत की नियुक्ति करता है। जबकि एक गुलाम देश, दूसरे गुलाम देश में हाई कमिश्नर यानि उच्चायुक्त की नियुक्ति करता है।

उदहारण के लिए…

भारत अमेरिका में राजदूत की नियुक्ति करता है। क्योंकि भारत और अमेरिका अलग – अलग देश हैं।

परंतु भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के देश में, हाई कमिश्नर यानि उच्चायुक्त की नियुक्ति करते हैं। क्योंकि ये दोनों कोई अलग अलग देश नहीं, बल्कि इंग्लैंड के मालिकाना अधिकार वाले राष्ट्रमंडल देशों के समूह के सदस्य देश हैं। वर्ष १९४७ में आजादी नहीं, बल्कि सत्ता का हस्तांतरण हुआ था। जिसका आधार, वर्ष १९३५ का Transfer of Power Agreement है। जिसके कारण आज भी अंग्रेजों के बनाए हुए अधिकतर कानून ज्यों के त्यों चल रहे हैं और बहुत सारे भवनों के नाम अभी भी पूरी तरह से नहीं बदले हैं।

मैं कोई कंगना राणावत के पक्ष और बिपक्ष की बात नही कर रहा, मुझे सिर्फ इस बात की खुशी है कि कोई तो है जो सच्चाई पर बोला।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in
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