ezgif.com-gif-maker

महानता का मार्ग

 

​आइए कुछ बात करते हैं,

साहस पे विचार करते हैं।

साहस, निर्भीकता और पराक्रम,

को जानने का प्रयत्न करते हैं॥

 

​साहसी की पहली पहचान,

डर का अनुभव होना है।

विजय तिलक लगाने हेतु,

डर से लड़कर आगे बढ़ना है॥

 

​साहसी की दूसरी पहचान है,

अपने दिल की बातें सुनना।

जब दिल और दिमाग में द्वंद्व हो,

जो दिल कहे बस वही करना॥

 

​साहस की तीसरी पहचान है,

मुश्किलों में सदा डटे रहना।

विजय पताका फहराने को,

बाधाओं से कभी न घबराना॥

 

​सत्य के साथ अडिग खड़े होना,

साहसी की चौथी पहचान है।

सच और सच्चाई के साथ जो रहे,

वही असल में वीर इंसान है॥

 

​युवा होना ही जरूरी तो नहीं,

युवा जोश पाँचवीं पहचान है।

अस्सी की उम्र में भी जो रण में जागे,

वीर कुंवर सिंह उसके प्रमाण हैं॥

 

​कष्ट झेलकर ही अंततः,

व्यक्ति पाता सम्मान है।

गरिमा और आस्था को जो कभी न छोड़े,

वही साहसी बनता एक दिन महान है॥

 

​— अश्विनी राय ‘अरूण’

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *