दो आँखों से देखा हमने, बस दुनिया का मेला है, छल, कपट और भीड़...
आध्यात्मिक हिंदी कविता
जमाने के रंग जब जब बदले, तुम भी यूं ही बदल गए। जवानी...
नयन झरोखे रचयिता: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ उधेड़बुन में व्याकुल मन है, राहों...
कल्पना की उड़ान रचयिता: विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ नील गगन में बहती अपनी,...