काशी के घाट

वाराणसी अथवा काशी को घाटों की नगरी भी कहा जाता है। जहां वास्तविक तौर पर ८९ घाट हैं, मगर औपचारिक तौर पर ८४ घाट ही कहे जाते हैं। ये घाट लगभग ४ मील लम्‍बे तट पर बने हुए हैं। इन घाटों में पाँच घाट बहुत ही पवित्र माने जाते हैं। इन्‍हें सामूहिक रूप से ‘पंचतीर्थ’ कहा जाता है। ये हैं असी घाट, दशाश्वमेध घाट, आदिकेशव घाट, पंचगंगा घाट तथा मणिकर्णिका घाट। असी घाट सबसे दक्षिण में स्थित है जबकि आदिकेशव घाट सबसे उत्तर में स्थित हैं। हर घाट की अपनी अलग-अलग कहानी है। वाराणसी के कई घाट मराठा साम्राज्य के अधीनस्थ काल में बनवाये गए थे। वाराणसी के संरक्षकों में मराठा, शिंदे (सिंधिया), होल्कर, भोंसले और पेशवा परिवार रहे हैं। वाराणसी में अधिकतर घाट स्नान-घाट हैं, कुछ घाट अन्त्येष्टि घाट हैं। महानिर्वाणी घाट में महात्‍मा बुद्ध ने स्‍नान किया था। मणिकर्णिका घाट जैसे कुछ घाट किसी कथा आदि से जुड़े हुए हैं, जबकि कुछ घाट निजी स्वामित्व के भी हैं पूर्व काशी नरेश का शिवाला घाट और काली घाट निजी संपदा हैं।

घाटों की सूची…

हम काशी के इन घाटों को उनके स्थान के अनुसार आरोही क्रम में सूचीबद्ध कर रहे हैं, जो इस प्रकार से हैं।

भाग १: अस्सी घाट से प्रयाग घाट तक (१-४१)

१. अस्सी घाट,
२. गंगा महल घाट,
३. रीवा घाट,
४. तुलसी घाट,
५. भदैनी घाट,
६. जानकी घाट,
७. माता आनंदमाई,
८. बच्चा राजा घाट,
९. जैन घाट,
१०. निषाद घाट,
११. प्रभु घाट,
१२. पंचकोटा घाट,
१३. चेत सिंह घाट,
१४. निरंजनी घाट ,
१५. महानिर्वाणी घाट,
१६. शिवाला घाट,
१७. गुलरिया घाट,
१८. दंडी घाट,
१९. हनुमान घाट,
२०. प्राचीन हनुमान घाट,
२१. कर्नाटका घाट,
२२. हरिश्चंद्र घाट,
२३. लाली घाट,
२४. विजयनगरम घाट,
२५. केदार घाट,
२६. चौकी घाट,
२७. सोमेश्वर घाट,
२८. मानसरोवर घाट,
२९. नारद घाट ,
३०. राजा घाट,
३१. खोरी घाट,
३२. पांडे घाट,
३३. सर्वेश्वर घाट,
३४. दिग्पतिया घाट,
३५. कस्ती घाट,
३६. राणा महल घाट,
३७. दरभंगा घाट,
३८. मुंशी घाट,
३९. अहिल्याबाई घाट,
४०. शीतला घाट,
४१. दशाश्वमेध घाट।

भाग २: प्रयाग – आदि केशव घाट (४२–८४)

४२. प्रयाग घाट,
४३. राजेंद्र प्रसाद घाट,
४४. मन्मन्दिर घाट,
४५. त्रिपुर भैरवी घाट ,
४६. मीर घाट,
४७. नया घाट,
४८. नेपाली घाट ,
४९. ललिता घाट,
५०. बावली/उमरगिरी/अमरोहा घाट,
५१. जलासें घाट,
५२. खिड़की घाट,
५३. मणिकर्णिका घाट,
५४. बाजीराव घाट,
५५. सिंधिया घाट,
५६. संकठा घाट ,
५७. गंगा महल घाट(II),
५८. भोंसले घाट ,
५९. नया घाट,
६०. गणेशा घाट,
६१. मेहता घाट,
६२. राम घाट,
६३. यात्रा/यत्र घाट,
६४. ग्वालियर राजा घाट,
६५. मंगला गौरी घाट,
६६. बेनीमाधव घाट ,
६७. पंचगंगा घाट,
६८. दुर्गा घाट,
६९. ब्रह्मा घाट,
७०. बूंदी परकोटा घाट,
७१. आदि शीतला घाट,
७२. लाल घाट,
७३. हनुमानगढ़ी घाट,
७४. गया/गाय घाट,
७५. बद्रीनारायण घाट,
७६. त्रिलोचन घाट,
७७. गोला घाट,
७८. नंदेश्वर /नंदू घाट,
७९. शक घाट,
८०. तेलिया नाला घाट,
८१. नया/ फूटा घाट,
८२. प्रहलाद घाट,
८३. राजा घाट,
८४. आदि केशव घाट,
८५. संत रविदास घाट,
८६. निषाद घाट,
८७. रानी घाट,
८८. श्री पंचअग्नि अखाड़ा घाट,
८९. अन्य कोई।

काशी के घाट भाग – २

काशी के मंदिर

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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