UBI Contest – 110
ईंट और पत्थरों के बीच,
एक अद्वितीय संगम है।
ईंट बनाती है घर,
पत्थर संकल्पों का आधार है।
सदैव मेलजोल रहता,
यह उत्कृष्ट युगम है।
दृढ़ता और संगठन का, इसमें है महत्व विशेष॥
ईंटों की गहराई में,
पत्थरों का समर्पण बसा है।
एक-दूसरे के पूर्ण करते,
बनती है संसार की शान।
जिसमें ईंटों की मजबूती,
पत्थरों की गहराई है।
पत्थरों की सख्ती, ईंटों को बनाती सहारा॥
एक दूसरे को पूर्ण करते,
बनते हैं सपनों के आसरे।
मिलकर लिखते हैं संगम,
जीवन की अनुपम कहानी।
ईंट और पत्थरों का संगम,
सृजन महान विज्ञानी।
ईंटों के बगीचे में, पत्थरों के फूल खिलते हैं॥
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’