April 25, 2024

मत्स्योदरी तालाब प्राचीन नगरी काशी के विश्वेश्वरगंज से प्रह्लाद घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित है। इसी तालाब के नाम पर मोहल्ले का नाम भी मच्छोदरी पड़ा है। बारिश में पानी ज्यादा होने पर गंगा का पानी वरुणा नदी के पानी को पीछे धकेलता है। जिससे अंत में पानी मत्स्योदरी पहुंचता है। गंगा जल से यह क्षेत्र घिर जाता है। घिरे हुए पानी का स्वरूप मछली की तरह हो जाता है।

मान्यता…

मान्यताओं के अनुसार, भगवान नादेश्वर के दर्शनार्थ गंगा मैया यहां आती हैं और दर्शन करने के पश्चात वापस चली जाती हैं। इसी कारण से इस कुण्ड में स्नान करने से गंगा स्नान आदि के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

About Author

Leave a Reply