किताबों की सूखी हुई वो महक याद है, बिना बात के ही खिलखिलाना याद...
#Memories
॥ यूं ही जिंदगी हाथों से ॥ ॥ फिसलती जा रही है, ॥ ॥...
खिड़की: एक आत्म-साक्षात्कार खिड़की से जब बाहर झांकता हूँ, यादें चुपके से पास...
अमिट स्मृतियाँ अलविदा कह कर भला, क्या चले जाते हैं लोग? मैंने तो...