वंदे मातरम! वंदे मातरम! यही मंत्र है, यही तंत्र है, मुक्ति का उल्लास,...
Patriotism
कितने झंझावात आते, सबको उसने झेला था। जितने बाधा, कंटक आते, सबसे उसने खेला...
आजादी का निर्मोही खेल — विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’ हर बार क्यों वो...