मजरूह सुल्तानपुरी

लेके पहला पहला प्यार
भरके आंखों मैं खुमार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर
लेके पहला पहला प्यार …

यह गाना हिन्दी फिल्म CID का है जिसे लिखा था मशहूर गीतकार और शायर…

#मजरूहसुल्तानपुरी ने।

इनके द्वारा लिखे गए गीत आज भी एक ताजे फूलों सी खुशबू बिखेरती हैं। इनके गीतों की हर एक लाइन दिल की गहराईयों में उतर जाती हैं, लगता हैं मानो जैसे इनके गीत हमें अपनी ओर खीच रहे हों। यह सच है की इनके द्वारा लिखे हर गीत और शायरी के हर एक लाइन में जादू सा होता है…

छोड़ दो आंचल ज़माना क्या कहेगा
इन अदाओं का ज़माना भी है दीवाना
दीवाना क्या कहेगा…

#०१अक्टूबर१९१९ को उत्तरप्रदेश में स्थित जिला सुल्तानपुर में इनका जन्म हुआ था। इनका असली नाम “असरार उल हसन खान” था।

बात उनदिनों की है जब मजरूह साहब अपने हकी़मी का काम छोड़ अपना सारा ध्यान शेरो-शायरी और मुशायरों में लगाने लगे। उनके द्वारा लिखी शेरो शायरी लोगो के दिलो को छू जाती थी,और वो मुशायरो की शान बन गए।

ऐसे हंस हंस के न देखा करो सब की जानिब
लोग ऐसी ही अदाओं पे फ़िदा होते हैं

इसी तरह का एक मुशायरा का कार्यक्रम मुम्बई में था, और इस कार्यक्रम का हिस्सा मजरूह सुल्तान पुरी भी थे। जब उन्होंने अपने शेर मुशायरे में पढ़े तब वही कार्यक्रम में बैठे मशहूर निर्माता ए.आर.कारदार उनकी शायरी सुनकर काफी प्रभावित हुए, और मजरूह साहब से मिले और एक प्रस्ताव रखा की आप हमारी फिल्मो के लिए गीत लिखें, मगर मजरूह साहब ने साफ़ तौर पर मना कर दिया। वो फिल्मो में गीत लिखना अच्छी बात नहीं मानते थे, अतः उन्होने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया।
मगर जिगर मुरादाबादी ने उन्हें समझाया और उन्होने कहा की फिल्मो में गीत लिखना कोई बुरी बात नहीं हैं। इससे मिलने वाले पैसे को आप अपने परिवार को भेज सकते हैं। जिगर मुरादाबादी की बात को मान कर वो फिल्मो में गीत लिखने के लिए तैयार हो गए।

अलग बैठे थे फिर भी
आँख साक़ी की पड़ी हम पर
अगर है तिश्नगी कामिल
तो पैमाने भी आएँगे

और फ़िर उनकी मुलाकात जानेमाने संगीतकार नौशाद से हुयी और नौशाद जी ने उन्हें एक धुन सुनाई और उस धुन पर गीत लिखने को कहा।

इस तरह मजरूह साहब ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत की, और लिखा एक गाना जिसके बोल थे,
“गेसू बिखराए, बादल आए झूम के” इस गीत के बोल सुनकर नौशाद काफी प्रभावित हुए, और अपनी आने वाली नयी फिल्म “शाहजहां” के लिए गीत लिखने प्रस्ताव रखा दिया।

इक दिन बिक जाएगा, माटी के मोल
जग में रह जाएंगे, प्यारे तेरे बोल
दूजे के होंठों को, देकर अपने गीत
कोई निशानी छोड़, फिर दुनिया से डोल
इक दिन बिक जायेगा…
ला ला ललल्लल्ला

और यही से शुरू हुआ उनका फ़िल्मी सफ़र का दौर और बन गयी एक मशहूर जोड़ी मजरूह सुल्तानपुरी और संगीतकार नौशाद की और लगातार एक के बाद एक फिल्मो में गीत लिखते रहे।

है अपना दिल तो आवारा, न जाने किसपे आयेगा
हसीनों ने बुलाया,गले से भी लगाया
बहुत समझाया,
यही ना समझा बहुत भोला है बेचारा
न जाने किसपे आयेगा
है अपना दिल तो…

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

Similar Articles

Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisment

Instagram

Most Popular

मणिकर्णिका घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...

पंचगंगा घाट

काशी की बसावट के लिहाज से शहर के उत्तरी छोर से गंगा की विपरीत धारा की ओर चलें तो आदिकेशव घाट व राजघाट के...

आदिकेशव घाट

काशी में गंगा तट पर अनेक सुंदर घाट बने हैं, ये सभी घाट किसी न किसी पौराणिक या धार्मिक कथा से संबंधित हैं। काशी...