download (3)

#UBI_contest_111

आम का अचार

 

आम का अचार बनाते हैं,

आओ खाते हैं, खिलाते हैं;

खुशबू इसकी बड़ी मनोहर,

दिल को ये ललचाते हैं।

 

​आम फलों का राजा है,

गर्मी में ही तो आता है;

अचार बनाने का मौसम यही,

सोचकर ही मज़ा आता है।

 

​कच्चे आम काट धूप में सुखाते हैं,

नमक, सरसों, जीरा, सौंफ के संग,

हल्दी, मिर्च की रंगत इसमें जुटाते हैं;

तेल डालकर इनको फिर प्यार से मिलाते हैं।

 

​थोड़ा खट्टा, थोड़ा तीखा,

बनता पूरा मसालेदार है;

मस्ताना होता इसका स्वाद,

क्योंकि बड़ा चटाकेदार है।

 

​हर खाने का यह स्वाद बढ़ाए,

थाली में जब सजकर आए;

एक निवाला इसका खाकर देखो,

तृप्ति को यह चरम पर ले जाए।

 

​इसकी खुशबू के फिर क्या कहने,

मसालों से जब यह लिपटा रहता है;

सबको इससे प्यार हो जाता,

मटकी से जब बाहर आता है।

 

विद्यावाचस्पति अश्विनी राय ‘अरुण’

 

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *