May 25, 2024

परमाणु अप्रसार संधि यानी नॉन प्रॉलिफरेशन ट्रीटी को एनपीटी के नाम से जाना जाता है। इसका उद्देश्य विश्व भर में परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के साथ-साथ परमाणु परीक्षण पर अंकुश लगाना है।

परिचय…

एनपीटी पर १ जुलाई, १९६८ से हस्ताक्षर होना शुरू हुआ। परंतु अभी तक इस संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की संख्या मात्र १९० है। जिसमें पांच के पास यानी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन के पास नाभिकीय हथियार हैं। इस संधि में सिर्फ पांच संप्रभुता संपन्न देश यानी भारत, इजरायल, पाकिस्तान, द. सूडान और उत्तरी कोरिया इसके सदस्य नहीं हैं।

दोहरी मानसिकता…

एनपीटी के तहत भारत को परमाणु संपन्न देश की मान्यता प्रदान नहीं की गई है। जो इसके दोहरे मापदंड को प्रदर्शित करती है। इस संधि का प्रस्ताव आयरलैंड ने रखा था और सबसे पहले हस्ताक्षर फिनलैंड ने किया। इस संधि के तहत परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र उसे ही माना गया है जिसने १ जनवरी, १९६७ से पूर्व परमाणु हथियारों का निर्माण और परीक्षण कर लिया हो। अब देखा जाए तो भारत ने पहला परमाणु परीक्षण वर्ष १९७४ में किया था, अतः इसे ही आधार बनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र का दर्जा प्राप्त नहीं है। दूसरी तरफ शुरुआती समय में उत्तरी कोरिया ने इस सन्धि पर हस्ताक्षर किया था, परंतु उसने इसका उलंघन किया और फिर इससे बाहर आ गया।

सन्धि के मुख्य स्तम्भ…

१. परमाणु अप्रसार (परमाणु अस्त्र संपन्न राज्य परमाणु अस्त्रविहीन राज्यों को इसके निर्माण की तकनीक नहीं देंगे।
२. निरस्त्रीकरण
३. परमाणु उर्जा का शान्तिपूर्ण उपयोग

परमाणु अस्त्रों से युक्त देश…

दुनिया में आठ देश हैं जो परमाणु हथियार संपन्न हैं। इन में से पांच देश अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, और चीन परमाणु अप्रसार संधि के अंतर्गत परमाणु-हथियार राष्ट्र जाने जाते हैं। परमाणु अप्रसार संधि मे शामील न होने वाले तीन देश यानी भारत, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान ने सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किए हैं, इसमें उत्तरी कोरिया पहले परमाणु अप्रसार संधि मे शामिल था लेकिन २००३ में वाह इस संधि से अलग हट गया। इसके अलावा इज़राइल के पास भी परमाणु हथियार होने की व्यापक संभावना जताई जाती है, हालांकि वह इसके बारे में जानबूझकर अस्पष्टता की नीति बनाए रखता है और वह स्वीकार नहीं करता है।

देशों के अनुमानित कुल परमाणु हथियार भंडार…

रुस (७,०००), अमेरिका (६८००), फ्रांस (३००), ब्रिटेन (२१५), चीन (२००), पाकिस्तान (१६०), भारत (१२०), इज़राइल (८०), उत्तर कोरिया (४०)

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