ए अलबेली री तू औरत करैली सुगंधित धनिया री मिर्ची अकेली पतली सी...
कविता
मौलिक हिंदी कविताओं का विशाल संग्रह: सामाजिक, आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक
“हमारे ‘कविता’ अनुभाग में आपका स्वागत है! यहाँ आपको विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण द्वारा रचित सभी मौलिक हिंदी कविताएँ मिलेंगी। इस संग्रह में ‘मोबाइल का नशा’ और ‘मानवता के द्रोही’ जैसी महत्वपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं, जो सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। हिंदी कविता के इस अद्भुत संसार में गोता लगाएँ।”
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण कहते हैं, ‘कुछ ना कहकर सब कुछ कह जाने की कला ही कविता है’
मेरी अनेकानेक गलतियों में एक गलती यह है कि मैं राजनीति नहीं जानता...
अपने मुंह में, तुझे धर लेगा। अजगर की तरह, जकड़ लेगा। अगर विश्वास...
हर बार क्यूं वो आजादी की बात करते हैं, बस पाए हुए का...
रात की अलसाई मंजरी भोर के एक चुम्बन से, सकुचाई लालिमा लिए रवि...
कान लगा, सुन तो जरा ये खामोशी क्या कहती है? कुछ उलझनों के भाव...
हम सीता के जन्मस्थली, राम ज्ञान अपार हईं। हम महावीर के तपस्या, त...
अभ्युदय पत्रिका पिता विशेषांक कभी पाबंदियों का फरमान तो कभी नए नए कानूनों से...
मंगल भवन अमंगल हारी द्रबहु सुदसरथ अजिर बिहारी (राम सिया राम, सिया राम जय...
सुबह हो गई, मोर्निग वॉक नहीं, दूध लेने जाना है। कहीं देरी हो...