एक शाम चौराहे पर दीया जल रहा था कभी मद्धम तो कभी भभक रहा...
कविता
मौलिक हिंदी कविताओं का विशाल संग्रह: सामाजिक, आध्यात्मिक और विचारोत्तेजक
“हमारे ‘कविता’ अनुभाग में आपका स्वागत है! यहाँ आपको विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण द्वारा रचित सभी मौलिक हिंदी कविताएँ मिलेंगी। इस संग्रह में ‘मोबाइल का नशा’ और ‘मानवता के द्रोही’ जैसी महत्वपूर्ण रचनाएँ शामिल हैं, जो सामाजिक समस्याओं, पर्यावरण संरक्षण और जीवन के आध्यात्मिक पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। हिंदी कविता के इस अद्भुत संसार में गोता लगाएँ।”
विद्यावाचस्पति अश्विनी राय अरुण कहते हैं, ‘कुछ ना कहकर सब कुछ कह जाने की कला ही कविता है’
तलाशते अवसर कितने बोझिल थे, वे प्रतीक्षा के क्षण, तुम्हारे इंतज़ार में। मेरे...
विषय : दृष्टि दिनाँक : ०६/११/१९ मैंने देखा है…मैंने देखा है, राम को...
विषय : दीवार दिनाँक : ०६/०१/२०२० नफरत की दीवार मैंने जितनी बार तोड़ना चाहा...
विषय : खामियाँदिनाँक : ०८/०१/२०२० जब मैं कभी अपनी खामियों को ढूंढता हूँतो सोचता...
मेरी जीवन धारणा जीवन जीने की पावन कला, स्वयं में एक महान कर्म...
विषय : न्यायदिनाँक : ०९/०१/२०२० कानून की अवस्थायहां सबको पता है। अपराधी खुलेआमरास्ते पर...
विषय : आकर्षकदिनाँक : १०/०१/२०२० इस जहाँ में कोई तुमसा ना होगा, माना ऐसी...
विषय : साजिशदिनाँक : ११/०१/२०२० वो कौन हैं ?जो साज़िश रचते हैं तुम्हारे विरुध,...
विषय : निर्जनतादिनाँक : १४/०१/२०२० जिंदगी और मौत के दरम्यान चुनना है मुझे आजमगर...