जंगल क्रूज

एक नक़्शे की मदद से अजर, अमर और काया को निरोगी रखने वाली दवा की तलाश करते डॉ. लिली हॉटन (एमिली ब्लंट) और उनके भाई मॅक्ग्रेगोर हॉटन (जैक व्हाइटहॉल) मिलते हैं फ्रैंक वुल्फ (ड्वेन जॉनसन) से जो अपनी टूटी फूटी नाव और अपने जैगुआर प्रॉक्सीमा के साथ उन्हें ‘ट्री ऑफ लाइफ’ ढूंढने में मदद करता है। फ्रैंक मस्तमौला व्यक्ति है, वो अपनी हरकतों से पूरे समय मस्ती करता रहता है। इन लोगों के अलावा भी ट्री ऑफ़ लाइफ के पीछे जर्मन राजघराने का प्रिंस जोएकिम भी पड़ा हुआ है। वह चाहता है कि पेड़ के पत्तों से जर्मनी की फौज पूरी तरह से अजर अमर बन जाए। इस तरह से वह पूरी दुनिया पर जर्मनी का राज फैलाना चाहता है। फिल्म देखने के बाद ही आप यह महसूस कर सकते हैं कि पूरी फिल्म में हर कदम पर एक नया रोमांच है। इस फिल्म में ऐसा कोई भी किरदार नहीं है जो बेमतलब का हो। जहां एक तरफ लिली, ट्री ऑफ लाइफ की मदद से पूरी दुनिया को बीमारियों से मुक्ति दिलाना चाहती है तो वहीं उसका भाई सिर्फ इसलिए उसके साथ चल पड़ता है क्योंकि वो अपनी गलत हरकतों की वजह से अपने परिवार से निकाल दिया गया है। पूरे परिवार में सिर्फ लिली ही उसका साथ देती है। कहानी जब आगे बढ़ती है तो पता चलता है कि एक पुरानी दुर्घटना, तकरीबन चार सौ साल पुरानी घटना में फ्रैंक को ट्री ऑफ़ लाइफ की वजह से अमर होने का शाप प्राप्त होता है और वह इस शाप से मुक्ति पाने के लिए ट्री ऑफ लाइफ ढूंढ रहा होता है। कहानी एक बार फिर आगे बढ़ता है, अमरत्व को प्राप्त फ्रैंक के अन्य साथी भी फ्रैंक के पीछे पड़ जाते हैं। यह पूरी फिल्म में ट्री ऑफ़ लाइफ को खोजने की कहानी है। पूरे धूम धड़ाके के बाद ट्री ऑफ़ लाइफ का सिर्फ एक फूल लिली के हाथ लगता है। वह इस फूल का क्या करती है? यही इस फिल्म का सस्पेंस है।

जंगल क्रूज नामक यह फिल्म १७ सालों से लगातार चल रहे विचार विमर्श का परिणाम है। यह फिल्म किन्हीं ना किन्हीं कारणों से रुकते, चलते आखिरकार अपने मुकाम तक पहुंचने में सफल हो गई। कभी कास्ट तो कभी फंड्स, कभी कहानी पूरी तरह से न बन पाने की वजह से ये फिल्म का निर्माण टलता रहा। अंततः फिल्म को दर्शकों ने पसंद कर ही लिया, लेकिन समीक्षकों की राय अलग अलग है। फिर भी फिल्म बेहद मज़ेदार है। देखिये मजा जरूर आएगा। समीक्षकों की राय चाहे जैसी भी हो, डिज़्नी इस फिल्म का सीक्वल बनाने की तैयारी कर रहा है। जहां तक हमने सुना है, ड्वेन और एमिली इस सीक्वल में भी नज़र आएंगे।

इस फिल्म में एडवेंचर के साथ कंप्यूटर ग्राफ़िक्स और मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी की मदद से जानवरों के कई अंश रखे गए हैं जो बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। वैसे भी डिज़्नी की फिल्में परिवार के नज़रिये से ही बनाई जाती हैं। निर्देशक जॉम कॉलेट सेरा ने इस बार बिलकुल ही अलग जॉनर की फिल्म बनायी है। इसके पहले उन्होंने हाउस ऑफ़ वैक्स, ऑर्फ़न या द शैलोस जैसी हॉरर फिल्में बनायीं हैं या फिर नॉनस्टॉप और रन ऑल नाईट जैसी एक्शन फिल्में। जंगल क्रूज जैसी फैंटसी एडवेंचर फिल्म बना कर उन्होंने अपने बहुआयामी होने का सफल परिचय दिया है। करीब दो वर्षों तक इसका प्रोडक्शन होता रहा और डिज़्नी की और फिल्मों की ही तरह इस पर पैसा पानी की तरह बहाया गया। और पैसा बहे भी क्यूं ना, आखिर वॉल्ट डिज्नी की रचनात्मकता को कोई प्रमाण की जरुरत है। आज वाल्ट डिज्नी तो नहीं हैं, मगर उनकी प्रोडक्शन कंपनी डिज्नी स्टूडियोज आज भी किसी फिल्म को बनाती है तो ये उम्मीद करना तय है कि फिल्म में एंटरटेनमेंट का ओवरडोज मिलेगा ही।

और अंत में, हाल ही में डिज्नी + हॉटस्टार पर रिलीज ‘जंगल क्रूज’ एक ऐसी बेहतरीन एडवेंचर फैंटसी फिल्म है, जिसे पूरे परिवार के साथ देखा जाना चाहिए। तकरीबन २०० मिलियन डॉलर यानि तकरीबन १५ अरब रुपये की लागत से बनी इस फिल्म में आपको एक ऐसे सफर का मज़ा मिलेगा जो हंसाएगा, रोमांच महसूस कराएगा और सबसे बड़ी बात कि एक पल के लिए भी आपको नजर हटाने नहीं देगा।

अश्विनी रायhttp://shoot2pen.in
माताजी :- श्रीमती इंदु राय पिताजी :- श्री गिरिजा राय पता :- ग्राम - मांगोडेहरी, डाक- खीरी, जिला - बक्सर (बिहार) पिन - ८०२१२८ शिक्षा :- वाणिज्य स्नातक, एम.ए. संप्रत्ति :- किसान, लेखक पुस्तकें :- १. एकल प्रकाशित पुस्तक... बिहार - एक आईने की नजर से प्रकाशन के इंतजार में... ये उन दिनों की बात है, आर्यन, राम मंदिर, आपातकाल, जीवननामा - 12 खंड, दक्षिण भारत की यात्रा, महाभारत- वैज्ञानिक शोध, आदि। २. प्रकाशित साझा संग्रह... पेनिंग थॉट्स, अंजुली रंग भरी, ब्लौस्सौम ऑफ वर्ड्स, उजेस, हिन्दी साहित्य और राष्ट्रवाद, गंगा गीत माला (भोजपुरी), राम कथा के विविध आयाम, अलविदा कोरोना, एकाक्ष आदि। साथ ही पत्र पत्रिकाओं, ब्लॉग आदि में लिखना। सम्मान/पुरस्कार :- १. सितम्बर, २०१८ में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा विश्व भर के विद्वतजनों के साथ तीन दिनों तक चलने वाले साहित्योत्त्सव में सम्मान। २. २५ नवम्बर २०१८ को The Indian Awaz 100 inspiring authors of India की तरफ से सम्मानित। ३. २६ जनवरी, २०१९ को The Sprit Mania के द्वारा सम्मानित। ४. ०३ फरवरी, २०१९, Literoma Publishing Services की तरफ से हिन्दी के विकास के लिए सम्मानित। ५. १८ फरवरी २०१९, भोजपुरी विकास न्यास द्वारा सम्मानित। ६. ३१ मार्च, २०१९, स्वामी विवेकानन्द एक्सिलेन्सि अवार्ड (खेल एवं युवा मंत्रालय भारत सरकार), कोलकाता। ७. २३ नवंबर, २०१९ को अयोध्या शोध संस्थान, संस्कृति विभाग, अयोध्या, उत्तरप्रदेश एवं साहित्य संचय फाउंडेशन, दिल्ली के साझा आयोजन में सम्मानित। ८. The Spirit Mania द्वारा TSM POPULAR AUTHOR AWARD 2K19 के लिए सम्मानित। ९. २२ दिसंबर, २०१९ को बक्सर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, बक्सर द्वारा सम्मानित। १०. अक्टूबर, २०२० में श्री नर्मदा प्रकाशन द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान। आदि। हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित कार्यों के लिए छोटे बड़े विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित। संस्थाओं से जुड़ाव :- १. जिला अर्थ मंत्री, बक्सर हिंदी साहित्य सम्मेलन, बक्सर बिहार। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन, पटना से सम्बद्ध। २. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह न्यासी, भोजपुरी विकास न्यास, बक्सर। ३. जिला कमिटी सदस्य, बक्सर। भोजपुरी साहित्य विकास मंच, कलकत्ता। ४. सदस्य, राष्ट्रवादी लेखक संघ ५. जिला महामंत्री, बक्सर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद। ६. सदस्य, राष्ट्रीय संचार माध्यम परिषद। ईमेल :- ashwinirai1980@gmail.com ब्लॉग :- shoot2pen.in

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